मां की हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹26 हजार का जुर्माना...
- 10h ago
देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के साथ-साथ चार राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। छात्रों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है और सरकारें इस मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर सोमवार को छात्रों के विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर परिसर में एकत्र हुए और पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के साथ-साथ केरल, झारखंड, पंजाब और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि जिस राज्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं, वहां की सरकार और शिक्षा विभाग को इसकी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
छात्र नेताओं ने कहा कि वर्षों की कठिन मेहनत और तैयारी के बाद जब परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं, तो लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद राजनीतिक दल केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं, जबकि सबसे अधिक नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है। उनका कहना था कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी और जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक मामलों की पारदर्शी जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दी जाए। साथ ही ऐसी मजबूत व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो और छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा कायम हो सके।
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि लाखों युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और बार-बार होने वाली अनियमितताओं से उनका मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान होता है। ऐसे में सरकारों को केवल बयानबाजी नहीं बल्कि ठोस कदम उठाने होंगे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी एहतियात के तौर पर मौके पर तैनात रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शन के बाद छात्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर