संपूर्ण समाधान दिवस में DM-SSP ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, सदर तहसील के कार्यालयों का...
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काठमांडू। पर्वतारोहण की दुनिया से दुखद खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध नेपाली मूल के ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स दाई’ पुर्जा का ब्रॉड पीक पर आए हिमस्खलन में निधन हो गया। वह पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर एक अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल का नेतृत्व कर रहे थे। हिमस्खलन के बाद उनका संपर्क टूट गया था और वह लापता बताए जा रहे थे। दो दिनों तक चले खोज एवं बचाव अभियान के बीच शनिवार को उनकी मौत की पुष्टि की गई।
जानकारी के मुताबिक, निर्मल पुर्जा 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल का नेतृत्व कर रहे थे। गुरुवार को दल ब्रॉड पीक पर कैंप-2 से कैंप-3 की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान करीब 6,600 मीटर की ऊंचाई पर अचानक हिमस्खलन आया और पर्वतारोही इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद अभियान दल से संपर्क टूट गया।
ब्रॉड पीक की ऊंचाई करीब 8,047 मीटर है और यह दुनिया का 12वां सबसे ऊंचा पर्वत माना जाता है। कराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित यह चोटी बेहद कठिन चढ़ाई और तेजी से बदलते मौसम के लिए जानी जाती है। हादसे के बाद खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच बचाव अभियान चलाया गया।
निर्मल पुर्जा की कंपनी Elite Exped ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि की। कंपनी के मुताबिक, हिमस्खलन में पुर्जा के साथ अभियान के अन्य सदस्यों की भी जान गई। वहीं पाकिस्तानी अधिकारी पर्वतारोहियों की तलाश, शवों की बरामदगी और पहचान की प्रक्रिया में जुटे रहे।
43 वर्षीय निर्मल पुर्जा पर्वतारोहण की दुनिया में ‘निम्स दाई’ के नाम से मशहूर थे। उन्होंने वर्ष 2019 में दुनिया की सभी 14 आठ हजार मीटर से अधिक ऊंची चोटियों पर महज छह महीने और छह दिन में चढ़ाई कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘14 Peaks: Nothing Is Impossible’ ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
निर्मल पुर्जा नेपाली मूल के पूर्व ब्रिटिश गोरखा और स्पेशल फोर्सेज सैनिक भी रहे थे। पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके रिकॉर्ड, साहस और नेतृत्व ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में शामिल किया। उनके निधन की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय में शोक की लहर है।
काठमांडू। पर्वतारोहण की दुनिया से दुखद खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध नेपाली मूल के ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स दाई’ पुर्जा का ब्रॉड पीक पर आए हिमस्खलन में निधन हो गया। वह पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर एक अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल का नेतृत्व कर रहे थे। हिमस्खलन के बाद उनका संपर्क टूट गया था और वह लापता बताए जा रहे थे। दो दिनों तक चले खोज एवं बचाव अभियान के बीच शनिवार को उनकी मौत की पुष्टि की गई। जानकारी के मुताबिक, निर्मल पुर्जा 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल का नेतृत्व कर रहे थे। गुरुवार को दल ब्रॉड पीक पर कैंप-2 से कैंप-3 की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान करीब 6,600 मीटर की ऊंचाई पर अचानक हिमस्खलन आया और पर्वतारोही इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद अभियान दल से संपर्क टूट गया। ब्रॉड पीक की ऊंचाई करीब 8,047 मीटर है और यह दुनिया का 12वां सबसे ऊंचा पर्वत माना जाता है। कराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित यह चोटी बेहद कठिन चढ़ाई और तेजी से बदलते मौसम के लिए जानी जाती है। हादसे के बाद खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच बचाव अभियान चलाया गया। निर्मल पुर्जा की कंपनी Elite Exped ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि की। कंपनी के मुताबिक, हिमस्खलन में पुर्जा के साथ अभियान के अन्य सदस्यों की भी जान गई। वहीं पाकिस्तानी अधिकारी पर्वतारोहियों की तलाश, शवों की बरामदगी और पहचान की प्रक्रिया में जुटे रहे। 43 वर्षीय निर्मल पुर्जा पर्वतारोहण की दुनिया में ‘निम्स दाई’ के नाम से मशहूर थे। उन्होंने वर्ष 2019 में दुनिया की सभी 14 आठ हजार मीटर से अधिक ऊंची चोटियों पर महज छह महीने और छह दिन में चढ़ाई कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘14 Peaks: Nothing Is Impossible’ ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। निर्मल पुर्जा नेपाली मूल के पूर्व ब्रिटिश गोरखा और स्पेशल फोर्सेज सैनिक भी रहे थे। पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके रिकॉर्ड, साहस और नेतृत्व ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में शामिल किया। उनके निधन की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय में शोक की लहर है।
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