ब्रज रज उत्सव आज से शुरू, हेमा मालिनी की ‘गंगा’ नृत्य नाटिका रहेगी मुख्य आकर्षण

  • संवाददाता: आकाश शर्मा
  • 1d Ago 109 Views


ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भक्ति परंपरा और लोककलाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले ब्रज रज उत्सव-2026 का आगाज शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ से होगा। 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलने वाले इस 11 दिवसीय उत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार संगीत, नृत्य, भजन और लोककलाओं की प्रस्तुतियां देंगे। इस बार उत्सव की खास बात यह है कि पहली बार वृंदावन के नवनिर्मित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 

स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में होगी ‘गंगा’ की प्रस्तुति

उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाम छह बजे वृंदावन स्थित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ से होगी। इसके बाद 25 अक्टूबर को अभिनेता सौरभ राज जैन की नाट्य प्रस्तुति ‘मेरे कृष्ण’, 26 अक्टूबर को गीता शोध संस्थान की रासलीला और 27 अक्टूबर को शिवानी मिश्रा की ‘कलर्स ऑफ यूपी’ प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ब्रज की परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। 

रेलवे ग्राउंड पर सजेगी भजन और संगीत की महफिल

मथुरा के धौलीप्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड पर भी उत्सव के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां 24 अक्टूबर को ईशान मिश्रा के सूफी गायन, 25 अक्टूबर को रसिक वैष्णव के ब्रज रस भजन कॉन्सर्ट और 26 अक्टूबर को रूट्स नादात्म बैंड की प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

आगे के कार्यक्रमों में 27 अक्टूबर को गजेंद्र प्रताप सिंह, 28 अक्टूबर को ईशिता विश्वकर्मा और 29 अक्टूबर को लखवीर सिंह लक्खा की भजन प्रस्तुतियां होंगी। इसके अतिरिक्त 30 अक्टूबर को अतुल पंडित, 31 अक्टूबर को पद्मश्री रामदयाल की नौटंकी, 1 नवंबर को अभय विश्वकर्मा का म्यूजिकल बैंड तथा 2 नवंबर को बैक स्टेज सिवलिंग की संगीत प्रस्तुति प्रस्तावित है कलाकारों को भी मिलेगा मंच

ब्रज रज उत्सव में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा। रेलवे ग्राउंड पर प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ ब्रज की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक मंच मिलेगा

शिल्प, हस्तकला और पारंपरिक व्यंजन भी होंगे आकर्षण

उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शिल्प मेला, हस्तकला उत्पाद, विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन और ब्रज के पारंपरिक खानपान की झलक भी देखने को मिलेगी। मेले में विभिन्न क्षेत्रों के कारीगरों और उत्पादकों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना, लोककलाओं को प्रोत्साहित करना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। 11 दिनों तक चलने वाला यह आयोजन ब्रजवासियों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र रहेगा

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