सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का...
- 8h ago
मथुरा। बदलते मौसम और रात के समय बढ़ रही ठंड का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। सुरीर क्षेत्र में सर्दी-जुकाम, बुखार, खुजली और वायरल जैसी मौसमी समस्याओं से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही बंदरों के काटने के मामले भी सामने आ रहे हैं, जिसके चलते लोग उपचार और वैक्सीन के लिए सुरीर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं।
सुरीर पीएचसी पर आसपास के जरारा, तेहरा, भदनवारा, नगला मोजी, फोंदा नगला, टेटीगांव, भगत नगरिया, सुल्तानपुर बंगला, ओहावा और भिदौनी समेत कई गांवों से बच्चे, युवा और बुजुर्ग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र पर चहल-पहल बनी रहती है।
पीएचसी पर तैनात डॉ. अतुल मिश्रा, फार्मासिस्ट शिवकुमार और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को उपचार एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। चिकित्सकों की ओर से लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. अतुल मिश्रा ने बताया कि रात के समय ठंड बढ़ने और मौसम में बदलाव के कारण लोगों को सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से ठंड से बचाव करने, साफ-सफाई का ध्यान रखने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी। साथ ही बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने को कहा।
वहीं, क्षेत्र में बंदर काटने के मामले भी सामने आने पर स्वास्थ्य केंद्र पर लोगों को समय पर उपचार कराने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बंदर के काटने की स्थिति में घाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों पंकज, टिंकू, जयंत, मथुला, कृष्णा आदि ने भी क्षेत्र में बंदरों की समस्या को लेकर चिंता जताई और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।
मथुरा। बदलते मौसम और रात के समय बढ़ रही ठंड का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। सुरीर क्षेत्र में सर्दी-जुकाम, बुखार, खुजली और वायरल जैसी मौसमी समस्याओं से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही बंदरों के काटने के मामले भी सामने आ रहे हैं, जिसके चलते लोग उपचार और वैक्सीन के लिए सुरीर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। सुरीर पीएचसी पर आसपास के जरारा, तेहरा, भदनवारा, नगला मोजी, फोंदा नगला, टेटीगांव, भगत नगरिया, सुल्तानपुर बंगला, ओहावा और भिदौनी समेत कई गांवों से बच्चे, युवा और बुजुर्ग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र पर चहल-पहल बनी रहती है। पीएचसी पर तैनात डॉ. अतुल मिश्रा, फार्मासिस्ट शिवकुमार और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को उपचार एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। चिकित्सकों की ओर से लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। डॉ. अतुल मिश्रा ने बताया कि रात के समय ठंड बढ़ने और मौसम में बदलाव के कारण लोगों को सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से ठंड से बचाव करने, साफ-सफाई का ध्यान रखने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी। साथ ही बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने को कहा। वहीं, क्षेत्र में बंदर काटने के मामले भी सामने आने पर स्वास्थ्य केंद्र पर लोगों को समय पर उपचार कराने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बंदर के काटने की स्थिति में घाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। स्थानीय ग्रामीणों पंकज, टिंकू, जयंत, मथुला, कृष्णा आदि ने भी क्षेत्र में बंदरों की समस्या को लेकर चिंता जताई और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।
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