बीएसए कॉलेज में सेवा संकल्प अभियान का समापन, प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को मिले पुरस्कार और प्रमाण-पत्र...
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अपनी लंबित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश का आंदोलन लगातार जारी है। मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज नर्सिंग स्टाफ ने शनिवार को आठवें दिन भी जिला चिकित्सालय मथुरा में काली पट्टी बांधकर काम किया। नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि शासन और प्रशासन से कई बार मांगों के निस्तारण की अपील की गई, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। इसी के चलते संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
राजकीय नर्सेज संघ के आंदोलन के तहत जिला चिकित्सालय के नर्सिंग कर्मचारी 9 अक्टूबर से काली पट्टी बांधकर अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी 13 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं। मांगों को लेकर शासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ नर्सिंग स्टाफ सुनीता यादव, मधु और बृजेश ने बताया कि संघ लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहा है। इसके बावजूद समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर कर्मचारियों को आंदोलन जारी रखना पड़ रहा है।
नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। इसके तहत 21 अक्टूबर को दो घंटे का कार्य बहिष्कार और 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से स्वास्थ्य महानिदेशालय परिसर में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।
कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं और चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करें।
जिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ काली पट्टी बांधकर अपनी नियमित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए विरोध दर्ज करा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों का समयबद्ध समाधान होना चाहिए, ताकि लंबे समय से लंबित मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट हो सके।
राजकीय नर्सेज संघ का आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहने से अब सभी की नजरें शासन और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में 21 और 22 अक्टूबर को आंदोलन के अगले चरण प्रस्तावित हैं।
अपनी लंबित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश का आंदोलन लगातार जारी है। मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज नर्सिंग स्टाफ ने शनिवार को आठवें दिन भी जिला चिकित्सालय मथुरा में काली पट्टी बांधकर काम किया। नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि शासन और प्रशासन से कई बार मांगों के निस्तारण की अपील की गई, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। इसी के चलते संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाया है। राजकीय नर्सेज संघ के आंदोलन के तहत जिला चिकित्सालय के नर्सिंग कर्मचारी 9 अक्टूबर से काली पट्टी बांधकर अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी 13 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं। मांगों को लेकर शासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ नर्सिंग स्टाफ सुनीता यादव, मधु और बृजेश ने बताया कि संघ लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहा है। इसके बावजूद समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर कर्मचारियों को आंदोलन जारी रखना पड़ रहा है। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। इसके तहत 21 अक्टूबर को दो घंटे का कार्य बहिष्कार और 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से स्वास्थ्य महानिदेशालय परिसर में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं और चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करें। जिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ काली पट्टी बांधकर अपनी नियमित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए विरोध दर्ज करा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों का समयबद्ध समाधान होना चाहिए, ताकि लंबे समय से लंबित मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट हो सके। राजकीय नर्सेज संघ का आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहने से अब सभी की नजरें शासन और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में 21 और 22 अक्टूबर को आंदोलन के अगले चरण प्रस्तावित हैं।
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