स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 10h ago
दावन में करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने जहां उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई, वहीं नगर निगम की तैयारियों की पोल भी खोलकर रख दी। पहली ही तेज बारिश में शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं और ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह नाकाम दिखाई दी।
वृंदावन में हुई बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सीएफसी चौराहा, रंगजी मंदिर मार्ग और गोपीनाथ बाजार समेत कई क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर तेज बहाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
जलभराव का सबसे अधिक असर बाहर से आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों पर पड़ा। कई दोपहिया वाहनों के इंजन में पानी घुस जाने से वे बीच सड़क पर बंद हो गए और वाहन चालकों को उन्हें धक्का देकर निकालना पड़ा।
बारिश के बाद नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है।
लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की गई होती, तो वृंदावन को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। अब स्थानीय नागरिक नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि हर मानसून में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
दावन में करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने जहां उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई, वहीं नगर निगम की तैयारियों की पोल भी खोलकर रख दी। पहली ही तेज बारिश में शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं और ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह नाकाम दिखाई दी। वृंदावन में हुई बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सीएफसी चौराहा, रंगजी मंदिर मार्ग और गोपीनाथ बाजार समेत कई क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर तेज बहाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। जलभराव का सबसे अधिक असर बाहर से आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों पर पड़ा। कई दोपहिया वाहनों के इंजन में पानी घुस जाने से वे बीच सड़क पर बंद हो गए और वाहन चालकों को उन्हें धक्का देकर निकालना पड़ा। बारिश के बाद नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की गई होती, तो वृंदावन को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। अब स्थानीय नागरिक नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि हर मानसून में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
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