स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 11h ago
मथुरा के सुरीर क्षेत्र के टैंटीगांव में 23 अप्रैल को हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। व्यापारी अजय अग्रवाल के घर हुई इस वारदात ने पूरे जिले को हिला दिया था। नकाबपोश बावरिया गिरोह के बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर करीब 15 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। मामले के खुलासे के लिए पुलिस की 17 टीमें और लगभग 300 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था।
लगातार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के इनामी बदमाश धर्मवीर और राजेंद्र को मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इस डकैती की मुखबिरी व्यापारी के दूर के रिश्तेदार ने ही की थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी नरेश के ताऊ के बेटे मुन्ना ने अपने साथी सुभाष के साथ मिलकर 21 अप्रैल को व्यापारी के घर की रेकी की थी और बदमाशों को घर की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद बदमाशों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से घर का डीवीआर निकालकर गंगनहर में फेंक दिया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के छह सदस्यों — सुभाष, नरेश, मुन्ना, टीटू, शत्रु और शहनवाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में पता चला है कि यह गैंग मथुरा के अलावा अलीगढ़ के खैर, पलवल, हथीन और नौहझील समेत करीब 15 से 20 वारदातों को अंजाम दे चुका है।
पुलिस के अनुसार अभी भी गिरोह के तीन बदमाश फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि यह एक पेशेवर गिरोह है, जिसने बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया और सबूत मिटाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
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