BREAKING NEWS | देर रात एक्शन में SSP श्लोक कुमार, थानों से UP-112 कंट्रोल रूम...
- 16m ago
संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन द्वारा विद्यार्थियों में ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सतर्कता जागरूकता’ विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी वैचारिक क्षमता और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक प्रभावशाली नारे लिखे। इन नारों के माध्यम से भ्रष्टाचार को समाप्त करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और समाज में नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आज के विद्यार्थी भविष्य के शिक्षक हैं। ऐसे में समाज में ईमानदारी, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। शिक्षक न केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देते हैं, बल्कि अपने आचरण और व्यवहार से उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
यह आयोजन संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन की मूल्यपरक शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों और व्यावसायिक नैतिकता के महत्व को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों और संकाय सदस्यों ने ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों का पालन करने तथा देश को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विभाग की डीन डॉ. रेनू गुप्ता सहित डॉ. निशा चंदेल, डॉ. हरिकृष्ण, डॉ. प्रियंका गौतम, डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. भोपाल रावत, डॉ. विवेक शुक्ला, डॉ. ज्योत्सना राठौर, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. पुष्पेंद्र कुमार और कु. दीक्षा सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन द्वारा आयोजित नारा लेखन प्रतियोगिता में अपने लिखे नारों के साथ विद्यार्थी।
संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन द्वारा विद्यार्थियों में ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सतर्कता जागरूकता’ विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी वैचारिक क्षमता और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक प्रभावशाली नारे लिखे। इन नारों के माध्यम से भ्रष्टाचार को समाप्त करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और समाज में नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आज के विद्यार्थी भविष्य के शिक्षक हैं। ऐसे में समाज में ईमानदारी, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। शिक्षक न केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देते हैं, बल्कि अपने आचरण और व्यवहार से उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं। यह आयोजन संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन की मूल्यपरक शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों और व्यावसायिक नैतिकता के महत्व को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों और संकाय सदस्यों ने ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों का पालन करने तथा देश को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विभाग की डीन डॉ. रेनू गुप्ता सहित डॉ. निशा चंदेल, डॉ. हरिकृष्ण, डॉ. प्रियंका गौतम, डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. भोपाल रावत, डॉ. विवेक शुक्ला, डॉ. ज्योत्सना राठौर, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. पुष्पेंद्र कुमार और कु. दीक्षा सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन द्वारा आयोजित नारा लेखन प्रतियोगिता में अपने लिखे नारों के साथ विद्यार्थी।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर
Link copied successfully!