नवरात्र के पहले दिन पथवारी मंदिर मार्ग पर गंदगी से श्रद्धालु परेशान, खबर के बाद...
- 9h ago
मथुरा के संस्कृति विश्वविद्यालय में सातवां दीक्षांत समारोह भव्यता और अकादमिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद्र गहलौत ने युवाओं को रोजगार सृजन और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। इस दौरान वर्ष 2025 और 2026 में उत्तीर्ण कुल 4,141 विद्यार्थियों को उपाधि एवं डिप्लोमा प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल थावर चंद्र गहलौत ने विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार देने वाले बनने का सपना देखना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप स्थापित करने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने को व्यक्तिगत सफलता के साथ देश की आर्थिक मजबूती के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए तक्षशिला और नालंदा जैसे ऐतिहासिक शिक्षा केंद्रों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। साथ ही शोधार्थियों से जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, सतत कृषि, साइबर सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर शोध करने का आह्वान किया।
भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि मथुरा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने गीता के संदेश ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि उपाधि उपलब्धि है, चरित्र पहचान है और परिवार तथा राष्ट्र के प्रति योगदान ही वास्तविक सफलता है।
समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 55 स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एआई लैब स्थापित की गई है। उन्होंने इस वर्ष 100 स्टार्टअप शुरू करने का लक्ष्य भी साझा किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वंदेमातरम के साथ हुआ। कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध, नवाचार और औद्योगिक सहयोग से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। समारोह में मुख्य अतिथि ने 49 शोधार्थियों को अपने हाथों से उपाधियां प्रदान कीं। इसके साथ ही विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा सहित शिक्षक, अभिभावक, शोधार्थी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सेना ने किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
संस्कृति विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए उपलब्धियों का उत्सव होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी लेकर आया।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर