गोविंद नगर पुलिस ने शातिर चोरी गैंग का किया भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार...
- 18h ago
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। Firoza Khatoon ने समाज और मजहब की दीवारों को तोड़ते हुए पूर्व कैदी Dharmendra Singh से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया।
बताया जा रहा है कि फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर तैनात थीं। ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात धर्मेंद्र सिंह से हुई, जो एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल में वारंट इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहीं महिला अधिकारी और वारंट संबंधी कार्य देख रहे धर्मेंद्र के बीच पहले दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
करीब 14 साल जेल में सजा काटने के बाद अच्छे आचरण के चलते धर्मेंद्र सिंह को रिहा कर दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा और आखिरकार दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।
5 मई को छतरपुर जिले के लवकुशनगर स्थित एक मैरिज हाउस में दोनों की शादी हिंदू वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। खास बात यह रही कि महिला अधिकारी के परिजन इस शादी से नाराज बताए गए और समारोह में शामिल नहीं हुए। ऐसे में Bajrang Dal के कार्यकर्ताओं ने आगे आकर कन्यादान की रस्म निभाई।
यह मामला सामने आने के बाद सतना केंद्रीय जेल से लेकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस शादी को गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और इंसानियत की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।
गौरतलब है कि धर्मेंद्र सिंह को वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। आरोप था कि हत्या के बाद शव को जमीन में दफना दिया गया था। इस चर्चित मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। Firoza Khatoon ने समाज और मजहब की दीवारों को तोड़ते हुए पूर्व कैदी Dharmendra Singh से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। बताया जा रहा है कि फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर तैनात थीं। ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात धर्मेंद्र सिंह से हुई, जो एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल में वारंट इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहीं महिला अधिकारी और वारंट संबंधी कार्य देख रहे धर्मेंद्र के बीच पहले दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। करीब 14 साल जेल में सजा काटने के बाद अच्छे आचरण के चलते धर्मेंद्र सिंह को रिहा कर दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा और आखिरकार दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। 5 मई को छतरपुर जिले के लवकुशनगर स्थित एक मैरिज हाउस में दोनों की शादी हिंदू वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। खास बात यह रही कि महिला अधिकारी के परिजन इस शादी से नाराज बताए गए और समारोह में शामिल नहीं हुए। ऐसे में Bajrang Dal के कार्यकर्ताओं ने आगे आकर कन्यादान की रस्म निभाई। यह मामला सामने आने के बाद सतना केंद्रीय जेल से लेकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस शादी को गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और इंसानियत की मिसाल के रूप में देख रहे हैं। गौरतलब है कि धर्मेंद्र सिंह को वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। आरोप था कि हत्या के बाद शव को जमीन में दफना दिया गया था। इस चर्चित मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
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