उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बुधवार को मथुरा दौरा हंगामे और गहमागहमी के बीच रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान पत्रकारों और डिप्टी सीएम के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
उपमुख्यमंत्री मथुरा में जनपद के अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों के साथ विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया जब पत्रकारों ने उनसे जमीनी समस्याओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल पूछने शुरू कर दिए।
बताया गया कि पत्रकारों को लंबे समय तक कड़ी धूप में इंतजार करना पड़ा। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में देरी होने के कारण पत्रकारों ने दो से तीन बार प्रेस वार्ता का बहिष्कार भी किया। वहीं गर्मी के बावजूद बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री के काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंत्रियों को सीमित वाहनों के साथ चलने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यहां बड़ी संख्या में गाड़ियां दिखाई दीं।
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष राजू यादव और प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार पत्रकारों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन माहौल शांत नहीं हो सका। जब उपमुख्यमंत्री ने समय कम होने का हवाला दिया तो पत्रकार और अधिक नाराज हो गए।
पत्रकारों ने मथुरा के कई वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में गंगाजल आपूर्ति न होने तथा अधिकारियों द्वारा सीयूजी नंबर न उठाने की शिकायत भी डिप्टी सीएम के सामने रखी।
पूरे घटनाक्रम के बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि छोटी-मोटी समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अयोध्या की तर्ज पर मथुरा के विकास के लिए संकल्पित है।