स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 10h ago
मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। मरीज के कथित आक्रामक व्यवहार से वार्ड में भर्ती अन्य मरीज, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में दहशत का माहौल बन गया। हालात बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार अभिषेक शुक्ला नामक युवक को 25 जून को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार और जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद वह अस्पताल छोड़ने को तैयार नहीं हुआ और लगातार स्टाफ तथा अन्य मरीजों के साथ गाली-गलौज और हंगामा करता रहा।
गुरुवार को जब स्थिति ज्यादा बिगड़ गई तो स्टाफ नर्स ने इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. नीरज अग्रवाल को दी। सीएमएस ने मौके पर पहुंचकर युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह डॉक्टरों से भी उलझ गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी युवक का हंगामा काफी देर तक जारी रहा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जब मरीज की बहन से फोन पर संपर्क किया गया तो उसने कथित तौर पर बताया कि उसका अपने भाई से कोई संबंध नहीं है और वह अक्सर इसी तरह का व्यवहार करता है, इसलिए परिवार उसे लेने नहीं आएगा।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और अस्पताल प्रशासन द्वारा की जा रही है।
मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। मरीज के कथित आक्रामक व्यवहार से वार्ड में भर्ती अन्य मरीज, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में दहशत का माहौल बन गया। हालात बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। जानकारी के अनुसार अभिषेक शुक्ला नामक युवक को 25 जून को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार और जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद वह अस्पताल छोड़ने को तैयार नहीं हुआ और लगातार स्टाफ तथा अन्य मरीजों के साथ गाली-गलौज और हंगामा करता रहा। गुरुवार को जब स्थिति ज्यादा बिगड़ गई तो स्टाफ नर्स ने इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. नीरज अग्रवाल को दी। सीएमएस ने मौके पर पहुंचकर युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह डॉक्टरों से भी उलझ गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी युवक का हंगामा काफी देर तक जारी रहा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जब मरीज की बहन से फोन पर संपर्क किया गया तो उसने कथित तौर पर बताया कि उसका अपने भाई से कोई संबंध नहीं है और वह अक्सर इसी तरह का व्यवहार करता है, इसलिए परिवार उसे लेने नहीं आएगा। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और अस्पताल प्रशासन द्वारा की जा रही है।
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