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- 10h ago
मथुरा। जनपद के कोसीकलां में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाली न्यू ऑपर्च्यूनिटी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड का शाखा प्रबंधक कथित तौर पर महिला समूहों से वसूले गए करीब 7 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। घटना के एक महीने बाद भी मुकदमा दर्ज न होने और कार्रवाई में देरी से नाराज कंपनी अधिकारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कंपनी के अधिकारी वीरपाल सिंह ने बताया कि कोसीकलां शाखा में कार्यरत मोहन सिंह महिला समूहों से मासिक किस्तों की राशि एकत्र करता था। आरोप है कि 10 जून को वह लगभग 7 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही कंपनी ने 11 जून को डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी और शिकायत भी दर्ज कराई।
कंपनी का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई गई और न ही आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। इस बीच मामले की जांच कर रहे अधिकारी का तबादला होने से जांच भी प्रभावित हो गई, जिससे पूरा मामला अधर में लटक गया है।
कंपनी के ऑडिट हेड सतीश सोनी ने बताया कि फरार कर्मचारी द्वारा ले जाई गई रकम महिला स्वयं सहायता समूहों की बैंक किस्तों की थी। समय पर यह राशि बैंकों में जमा न होने के कारण महिलाओं का सिबिल (CIBIL) स्कोर प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है, क्योंकि खराब सिबिल स्कोर के चलते उन्हें आगे बैंक या वित्तीय संस्थानों से ऋण मिलने में कठिनाई हो सकती है।
कंपनी अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सबसे अधिक नुकसान उन ग्रामीण महिलाओं का हो रहा है, जिन्होंने समय पर अपनी किस्तें जमा कर दी थीं। अब वे बिना किसी गलती के आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रही हैं।
पीड़ित संस्था ने एसएसपी मथुरा से पूरे मामले का संज्ञान लेकर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, धनराशि की बरामदगी तथा महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
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