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- 13h ago
लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मथुरा का अग्निशमन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की फायर सेफ्टी जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। मंगलवार से शुरू होने वाले इस अभियान में विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जाएगी।
मथुरा में वर्तमान समय में 81 पंजीकृत कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संस्थानों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं या नहीं, इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था है या नहीं, विद्युत वायरिंग सुरक्षित है या नहीं तथा आग लगने की स्थिति में बचाव के पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं या नहीं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह के अनुसार 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल या 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले कोचिंग संस्थानों की जांच फायर विभाग की टीम करेगी। वहीं छोटे कोचिंग सेंटरों की जांच जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत कराई जाएगी। जिन संस्थानों को पहले सुरक्षा संबंधी नोटिस जारी किए गए थे, उनसे अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी जाएगी। गंभीर कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि शहर के भूतेश्वर से स्टेट बैंक चौराहे के बीच बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इनमें कई संस्थान संकरी गलियों और सीमित प्रवेश-निकास वाले भवनों में चल रहे हैं, जहां सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अधिकांश केंद्रों पर केवल एक प्रवेश द्वार है और आपातकालीन निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा के लिए सभी कोचिंग संस्थानों का नियमित सुरक्षा ऑडिट होना चाहिए। लखनऊ जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन अब सुरक्षा मानकों को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता। ऐसे में यह अभियान मथुरा के कोचिंग संस्थानों की वास्तविक सुरक्षा स्थिति सामने लाने में अहम साबित हो सकता है।
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