जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता: आयोग सदस्य

  • 67 days ago
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मथुरा। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येन्द्र कुमार बारी ने मथुरा दौरे के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और उनकी जमीनी पहुंच को लेकर विस्तृत रूप से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से पिछड़े और वंचित तबकों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित न रह जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार “अंत्योदय” की भावना के साथ काम कर रही है, जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में आयोग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा लगातार जनपदों में जन चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इन चौपालों के माध्यम से न सिर्फ लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुनकर उनका त्वरित समाधान भी कराया जा रहा है।

सत्येन्द्र कुमार बारी ने बताया कि मथुरा में आयोजित जन चौपालों में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और खुलकर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों का विश्वास शासन-प्रशासन पर बना रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी नागरिक खुद को उपेक्षित या असहाय महसूस करे। इसलिए प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय रखते हुए गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। इससे न केवल योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन हो रहा है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है।

अंत में उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है—समावेशी विकास, पारदर्शी व्यवस्था और हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आयोग और प्रशासन निरंतर जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं।

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