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- 10h ago
मथुरा में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ द्वारा आयोजित सात दिवसीय "बोधि पथ" कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों को नशामुक्ति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में भगवान बुद्ध के आदर्शों के माध्यम से छात्रों को बेहतर नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय "बोधि पथ" कार्यशाला के दूसरे दिन जस्टिस फॉर चिल्ड्रन स्ट्रीट स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, सामाजिक बुराइयों तथा नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा, सदाचार, संयम और मध्यम मार्ग के सिद्धांतों को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने बताया कि इन मूल्यों को अपनाकर समाज को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
मुख्य वक्ता सीमा शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने तथा सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और स्वयं भी नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
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