स्वीटी सुपारी परिवार की अनूठी पहल, स्व. सुरेश चन्द्र अग्रवाल की स्मृति में मेगा हेल्थ...
- 10h ago
वृंदावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना के तहत मंदिर निधि से की जा रही भूमि खरीद प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। शनिवार को मंदिर चबूतरे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के गोस्वामी सदस्यों को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता दीपक पाराशर ने प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कॉरिडोर के लिए खरीदी जा रही संपत्तियों की रजिस्ट्रियों में वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि संपत्तियों का मूल्यांकन अलग-अलग और पक्षपातपूर्ण तरीके से किया गया है तथा दबाव बनाकर विवादित संपत्तियों की खरीद की जा रही है।
दीपक पाराशर ने यह भी आरोप लगाया कि हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी में शामिल नए गोस्वामी सदस्यों को भूमि खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर निधि की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए भूमि खरीद प्रक्रिया की तत्काल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। भूमि खरीद में अनियमितताओं के आरोप प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।
वृंदावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना के तहत मंदिर निधि से की जा रही भूमि खरीद प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। शनिवार को मंदिर चबूतरे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के गोस्वामी सदस्यों को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता दीपक पाराशर ने प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कॉरिडोर के लिए खरीदी जा रही संपत्तियों की रजिस्ट्रियों में वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि संपत्तियों का मूल्यांकन अलग-अलग और पक्षपातपूर्ण तरीके से किया गया है तथा दबाव बनाकर विवादित संपत्तियों की खरीद की जा रही है। दीपक पाराशर ने यह भी आरोप लगाया कि हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी में शामिल नए गोस्वामी सदस्यों को भूमि खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर निधि की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए भूमि खरीद प्रक्रिया की तत्काल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। भूमि खरीद में अनियमितताओं के आरोप प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।
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