व्यापारियों ने सरकार के सामने रखीं 25 मांगें, ई-कॉमर्स को बताया खुदरा बाजार का सबसे बड़ा संकट

  • 2 days ago
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मथुरा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी समागम का बुधवार को ऐतिहासिक समापन हुआ। देश के 28 प्रांतों से पहुंचे व्यापारी प्रतिनिधियों ने व्यापारिक उत्पीड़न, विभागीय अवैध वसूली और तेजी से बढ़ते ऑनलाइन कारोबार के खिलाफ एकजुट होकर सरकार को कड़ा संदेश दिया।

अधिवेशन में व्यापारियों के लिए पेंशन योजना लागू करने, ‘व्यापारी राहत कोष’ बनाने, बाजारों में सुरक्षा बढ़ाने और व्यापारियों को ‘टैक्स कलेक्टर’ का दर्जा देने जैसी अहम मांगें उठीं। राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने ऑनलाइन ट्रेडिंग को पारंपरिक व्यापार के लिए “नासूर” बताते हुए कहा कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां छोटे दुकानदारों के अस्तित्व पर सीधा हमला कर रही हैं।

वहीं, राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री एवं यूपी अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा ने सरकार से ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार के लिए समान नियम लागू करने, जीएसटी के बाद मार्केट फीस खत्म करने और छोटे व्यापारियों को आसान ऋण सुविधा देने की मांग की। समागम में एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के नाम पर हो रहे उत्पीड़न, उद्योगों को सब्सिडी, बाजारों में सीसीटीवी और पुलिस गश्त बढ़ाने सहित 25 सूत्रीय मांगपत्र भी सरकार को सौंपा गया।

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