राजेंद्र सिंह सिकरवार के निधन पर मथुरा पहुंचे जयंत चौधरी, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि...
- 12h ago
मथुरा: विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग के बी.एससी. नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने जयगुरुदेव अस्पताल एवं दादी गढ़ी गांव में स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाकर माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम का संचालन क्लिनिकल इंस्ट्रक्टर अजय चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। नर्सिंग छात्रों ने पोस्टर, बैनर और व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से माताओं को बताया कि नवजात शिशु को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना तथा पहले छह माह तक केवल स्तनपान कराना उसके शारीरिक, मानसिक और प्रतिरक्षा विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने माताओं को स्तनपान की सही तकनीक, मां और शिशु के स्वास्थ्य लाभ, भावनात्मक जुड़ाव तथा स्तनपान से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की। स्कूल ऑफ नर्सिंग के विभागाध्यक्ष ने कहा कि ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है और समाज में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
मथुरा: विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग के बी.एससी. नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने जयगुरुदेव अस्पताल एवं दादी गढ़ी गांव में स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाकर माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन क्लिनिकल इंस्ट्रक्टर अजय चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। नर्सिंग छात्रों ने पोस्टर, बैनर और व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से माताओं को बताया कि नवजात शिशु को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना तथा पहले छह माह तक केवल स्तनपान कराना उसके शारीरिक, मानसिक और प्रतिरक्षा विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने माताओं को स्तनपान की सही तकनीक, मां और शिशु के स्वास्थ्य लाभ, भावनात्मक जुड़ाव तथा स्तनपान से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की। स्कूल ऑफ नर्सिंग के विभागाध्यक्ष ने कहा कि ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है और समाज में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
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