राजेंद्र सिंह सिकरवार के निधन पर मथुरा पहुंचे जयंत चौधरी, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि...
- 11h ago
मथुरा: धर्मनगरी मथुरा में बाबा जाहरवीर कमेटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय 60वां ऐतिहासिक वार्षिक छड़ी मेला 20 और 21 अगस्त को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हो गया। मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा जाहरवीर के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की, जबकि पूरे शहर में “जय बाबा जाहरवीर” के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
मेले के पहले दिन मथुरा शहर में बाबा जाहरवीर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और आकर्षक धार्मिक झांकियों से सजी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बाबा जाहरवीर की सजीव झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। शहर के विभिन्न मार्गों से निकली शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
दूसरे दिन मसानी स्थित चित्रकूट धाम में विशाल जागरण एवं भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बाबा जाहरवीर को श्रद्धापूर्वक 56 भोग अर्पित किए गए। देश के प्रसिद्ध भजन गायक एवं टी-सीरीज के सुप्रसिद्ध कलाकार रामावतार शर्मा ने अपने लोकप्रिय भजनों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में झूमते रहे। इसके अलावा विभिन्न शहरों से आए कलाकारों ने भी अपनी मधुर प्रस्तुतियों से भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
मेले में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मथुरा में बाबा जाहरवीर का छड़ी मेला पिछले 60 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और यह ब्रज क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा जाहरवीर का जन्म गुरु गोरखनाथ जी के आशीर्वाद से हुआ था। कहा जाता है कि गुरु गोरखनाथ ने उन्हें अलौकिक शक्तियां प्रदान कर अपनी सिद्ध छड़ी उन्हें सौंप दी थी। तभी से छड़ी पूजन और छड़ी मेले की यह पावन परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।
मथुरा: धर्मनगरी मथुरा में बाबा जाहरवीर कमेटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय 60वां ऐतिहासिक वार्षिक छड़ी मेला 20 और 21 अगस्त को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हो गया। मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा जाहरवीर के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की, जबकि पूरे शहर में “जय बाबा जाहरवीर” के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। मेले के पहले दिन मथुरा शहर में बाबा जाहरवीर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और आकर्षक धार्मिक झांकियों से सजी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बाबा जाहरवीर की सजीव झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। शहर के विभिन्न मार्गों से निकली शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। दूसरे दिन मसानी स्थित चित्रकूट धाम में विशाल जागरण एवं भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बाबा जाहरवीर को श्रद्धापूर्वक 56 भोग अर्पित किए गए। देश के प्रसिद्ध भजन गायक एवं टी-सीरीज के सुप्रसिद्ध कलाकार रामावतार शर्मा ने अपने लोकप्रिय भजनों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में झूमते रहे। इसके अलावा विभिन्न शहरों से आए कलाकारों ने भी अपनी मधुर प्रस्तुतियों से भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। मेले में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मथुरा में बाबा जाहरवीर का छड़ी मेला पिछले 60 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और यह ब्रज क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा जाहरवीर का जन्म गुरु गोरखनाथ जी के आशीर्वाद से हुआ था। कहा जाता है कि गुरु गोरखनाथ ने उन्हें अलौकिक शक्तियां प्रदान कर अपनी सिद्ध छड़ी उन्हें सौंप दी थी। तभी से छड़ी पूजन और छड़ी मेले की यह पावन परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।
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