निजीकरण और संचालन व्यवस्था को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने किया जोरदार प्रदर्शन

  • 19h ago
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि ग्रामीण अंचलों से लेकर शहर मुख्यालय तक सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसी क्रम में प्रदेशभर में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस परिवहन सेवा शुरू की गई है, जिसके तहत 27 सीटर बसों का संचालन किया जा रहा है।

हालांकि मथुरा जनपद में इस व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत और मुनाफाखोरी के चलते बस संचालन में मनमानी की जा रही है। आरोप है कि मथुरा डिपो की लगभग 30 बसें निजी संचालन में दे दी गई हैं, जिससे रोडवेज की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

कर्मचारियों के अनुसार, नया बस स्टैंड से बसें गोवर्धन और बरसाना जैसे क्षेत्रों के लिए यात्रियों को लेकर रवाना हो रही हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से यात्रियों को मथुरा तक नहीं लाया जा रहा, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को मथुरा के नया बस स्टैंड पर उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के चालक-परिचालकों और पदाधिकारियों ने जमकर प्रदर्शन और हंगामा किया।

संघ के जिला अध्यक्ष श्यामवीर सिंह ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लगाई गई 27 सीटर बसों को उन मार्गों पर चलाया जा रहा है, जहां पहले से ही निगम की बड़ी बसें संचालित हैं, जिससे रोडवेज की आय को नुकसान हो रहा है।

वहीं मंडल महामंत्री जयप्रकाश शुक्ला ने कहा कि पूर्व में आदेश था कि प्राइवेट वाहन बस स्टैंड से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहेंगे, लेकिन वर्तमान में बस स्टैंड के अंदर से ही सवारियां भरी जा रही हैं, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।

कर्मचारियों ने इस व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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