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- 14h ago
मथुरा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भाजपा मथुरा महानगर की ओर से संगोष्ठी, प्रदर्शनी और मौन जुलूस का आयोजन किया गया। कंकाली स्थित होटल मुकुंद धाम में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि 14 अगस्त 1947 देश के इतिहास का वह दिन है, जो एक ओर स्वतंत्रता की पूर्व संध्या की याद दिलाता है, तो दूसरी ओर विभाजन की भयावह पीड़ा को भी सामने लाता है। उन्होंने कहा कि विभाजन सिर्फ सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी।
वहीं मथुरा-वृंदावन विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा कि विभाजन के दौरान विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, त्याग और साहस को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी को याद करने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से परिचित कराना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है।
संगोष्ठी के बाद विभाजन की विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान हुई घटनाओं, विस्थापन और लोगों की पीड़ा से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया, जिसे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने देखा और उस दौर की त्रासदी को समझने का प्रयास किया।
मथुरा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भाजपा मथुरा महानगर की ओर से संगोष्ठी, प्रदर्शनी और मौन जुलूस का आयोजन किया गया। कंकाली स्थित होटल मुकुंद धाम में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि 14 अगस्त 1947 देश के इतिहास का वह दिन है, जो एक ओर स्वतंत्रता की पूर्व संध्या की याद दिलाता है, तो दूसरी ओर विभाजन की भयावह पीड़ा को भी सामने लाता है। उन्होंने कहा कि विभाजन सिर्फ सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। वहीं मथुरा-वृंदावन विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा कि विभाजन के दौरान विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, त्याग और साहस को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी को याद करने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से परिचित कराना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। संगोष्ठी के बाद विभाजन की विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान हुई घटनाओं, विस्थापन और लोगों की पीड़ा से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया, जिसे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने देखा और उस दौर की त्रासदी को समझने का प्रयास किया।
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