संस्कृति विश्वविद्यालय और वृंदावन शोध संस्थान के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर

मथुरा स्थित संस्कृति विश्वविद्यालय में शिक्षा, अनुसंधान और ज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। विश्वविद्यालय और वृंदावन शोध संस्थान के बीच विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षेत्रों में सहयोग को लेकर एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए।


इस समझौते को संस्कृति विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आरएन त्रिवेदी और वृंदावन शोध संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव द्विवेदी द्वारा औपचारिक रूप से संपन्न किया गया। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

एमओयू के तहत दोनों संस्थान आपसी ज्ञान आदान-प्रदान, अकादमिक सहयोग, अनुसंधान विकास, संयुक्त प्रकाशन और कौशल संवर्धन जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे।


रजिस्ट्रार आरएन त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समझौते के तहत शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें फैकल्टी और छात्रों का आदान-प्रदान, संयुक्त पाठ्यक्रम विकास और कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल होंगे।


इसके साथ ही भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), संस्कृत, ज्योतिष, पांडुलिपि विज्ञान और स्वास्थ्य विज्ञान जैसे विषयों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों संस्थान मिलकर कार्यशालाएं, सम्मेलन और प्रशिक्षण सत्रों का भी आयोजन करेंगे।

इसके अलावा सामुदायिक जुड़ाव के तहत जड़ी-बूटियों और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि सामाजिक स्तर पर भी इसका लाभ मिल सके।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. रघुराम भट्ट, जनसंपर्क अधिकारी किशन चतुर्वेदी, वृंदावन शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी रजत शुक्ला, डॉ. गोपाल अरोड़ा और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।