TET के विरोध में मशाल लेकर हुंकार भरेंगे शिक्षक

अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ के बैनर तले सेठ बीएन पोद्दार कॉलेज से होलीगेट तक होगा पैदल मार्च

मथुरा में शिक्षकों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। शिक्षा का अधिकार यानी आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर भी टीईटी की अनिवार्यता थोपने के विरोध में शिक्षकों ने अब निर्णायक लड़ाई का मन बना लिया है। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर सोमवार की शाम पांच बजे मथुरा में मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

तस्वीरें मथुरा की हैं, जहाँ विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एक स्थानीय होटल में रविवार को प्रेस वार्ता कर सरकार के इस निर्णय को तुगलकी फरमान' करार दिया है। शिक्षकों का तर्क सीधा है जब उनकी नियुक्ति के समय आरटीई कानून अस्तित्व में ही नहीं था, तो अब उन पर टीईटी क्यों थोपी जा रही है

एआईजेटीएफ के जिला संयोजक व विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रवीन्द्र चौधरी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव यादव ने साफ कर दिया है कि यह मान-सम्मान की लड़ाई है। 13 अप्रैल को शाम 5 बजे सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज से होलीगेट तक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा,इस आंदोलन को जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, महिला शिक्षक मोर्चा और एससी-एसटी बेसिक शिक्षक महासभा ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया है। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति भटनागर ने बड़ी संख्या में शिक्षिकाओं के शामिल होने का दावा किया है, वहीं अन्य संगठनों ने इसे संविधान विरोधी कदम बताया है।

शिक्षकों की इस लामबंदी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि 13 अप्रैल को होने वाले इस मशाल जुलूस का सरकार के रुख पर क्या असर पड़ता है।