श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में अगली सुनवाई 15 मई को

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई  अदालत में हुई। सुनवाई दोपहर 2 बजे के बाद शुरू हुई, जिसमें हिंदू और मुस्लिम पक्ष की ओर से लंबित याचिकाओं पर विस्तृत बहस की गई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क और दावे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।
हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के पास यह साबित करने के लिए कोई ठोस ऐतिहासिक साक्ष्य नहीं है कि यहां पहले मस्जिद मौजूद थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष केवल उपासना स्थल अधिनियम 1991 के आधार पर मामले को लंबित रखने का प्रयास कर रहा है।
वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता ए.पी. सिंह ने कहा कि 7 रुल11 से जुड़ी याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी।