बहू गई मायके, बुजुर्ग दंपति के बेटे पर भाभी को भगाने का आरोप लगाने का...
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मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र के किशोरी नगर में स्थित प्राचीन हनुमानगढ़ी टीले पर बने हनुमान मंदिर को क्षतिग्रस्त करने और अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित क्षेत्रवासी समाजसेवी लोकेश राही के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, हनुमानगढ़ी का यह टीला प्राचीन सार्वजनिक स्थल है, जहां कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थापित हैं और लंबे समय से पूजा-पाठ होता आ रहा है। लोगों का आरोप है कि 4 अक्टूबर को दोपहर के समय भूमाफिया मनीष चतुर्वेदी के कथित गुर्गों ने पट्टे की आड़ में प्राचीन हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ की। विरोध किए जाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
क्षेत्रीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की शिकायत के बाद मौके पर पहुंची बिरला मंदिर पुलिस चौकी के कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जबरन चौकी ले जाने का प्रयास किया। समाजसेवी लोकेश राही और क्षेत्रवासियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिल रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने SSP कार्यालय में अपनी शिकायत रखते हुए प्राचीन मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कथित अवैध कब्जे की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र के किशोरी नगर में स्थित प्राचीन हनुमानगढ़ी टीले पर बने हनुमान मंदिर को क्षतिग्रस्त करने और अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित क्षेत्रवासी समाजसेवी लोकेश राही के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। क्षेत्रवासियों के अनुसार, हनुमानगढ़ी का यह टीला प्राचीन सार्वजनिक स्थल है, जहां कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थापित हैं और लंबे समय से पूजा-पाठ होता आ रहा है। लोगों का आरोप है कि 4 अक्टूबर को दोपहर के समय भूमाफिया मनीष चतुर्वेदी के कथित गुर्गों ने पट्टे की आड़ में प्राचीन हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ की। विरोध किए जाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की शिकायत के बाद मौके पर पहुंची बिरला मंदिर पुलिस चौकी के कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जबरन चौकी ले जाने का प्रयास किया। समाजसेवी लोकेश राही और क्षेत्रवासियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने SSP कार्यालय में अपनी शिकायत रखते हुए प्राचीन मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कथित अवैध कब्जे की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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