वृंदावन पुलिस की कार्रवाई, चोरी के मोबाइल और 2 पर्स के साथ पश्चिम बंगाल का...
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मथुरा। नंदबाबा की कोषस्थली कोसीकलां में ऐतिहासिक श्रीराम-भरत मिलाप मेले के अवसर पर श्री ब्रज नवयुवक क्लब के तत्वावधान में तीन दिवसीय भगत संगीत प्रदर्शन का शुभारंभ विधि-विधान से हनुमान ध्वज पूजन के साथ किया गया। रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्रज की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक संगीत की अनूठी झलक देखने को मिली। ध्वज पूजन के दौरान नगर की सुख-समृद्धि, आयोजन की सफलता और निर्विघ्न कार्यक्रम संपन्न होने की कामना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण सेठ, विवेक चौधरी, महेश हवेलिया, ओमप्रकाश सैनी, पुष्पेंद्र सांगवान, डॉ. घनश्याम, अमित जैन, बलराम चौधरी, किशन सिंह, मोहन श्याम, मुकेश अग्रवाल एवं नरेश कुमार की उपस्थिति में हनुमान ध्वज का पूजन कर किया गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत हुई। इस दौरान ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था देखने को मिली।
आयोजकों के अनुसार, तीन दिवसीय भगत संगीत कार्यक्रम में कलाकार धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में भक्त पूरणमल, इंदल हरण, हरिश्चंद्र-तारावती और अमर सिंह राठौर जैसे लोकप्रिय प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को ब्रज की पारंपरिक लोककला, ऐतिहासिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें कलाकार भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगे। पारंपरिक भगत गायन और लोकनाट्य के जरिए क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण सेठ एवं जमुना चौधरी ने बताया कि श्रीराम-भरत मिलाप मेला कोसीकलां की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मेले में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम और पारंपरिक लोककलाएं क्षेत्र की पुरानी परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि भगत संगीत जैसी लोककलाओं के आयोजन से नई पीढ़ी को ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक प्रसंगों और पारंपरिक गायन शैली को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सांस्कृतिक जुड़ाव और धार्मिक आस्था को भी मजबूत करते हैं।
तीन दिवसीय भगत संगीत महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। आयोजन के माध्यम से कोसीकलां में ब्रज की लोक संस्कृति, भक्ति संगीत और ऐतिहासिक परंपराओं की सुरमयी छटा देखने को मिलेगी।
मथुरा। नंदबाबा की कोषस्थली कोसीकलां में ऐतिहासिक श्रीराम-भरत मिलाप मेले के अवसर पर श्री ब्रज नवयुवक क्लब के तत्वावधान में तीन दिवसीय भगत संगीत प्रदर्शन का शुभारंभ विधि-विधान से हनुमान ध्वज पूजन के साथ किया गया। रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्रज की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक संगीत की अनूठी झलक देखने को मिली। ध्वज पूजन के दौरान नगर की सुख-समृद्धि, आयोजन की सफलता और निर्विघ्न कार्यक्रम संपन्न होने की कामना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण सेठ, विवेक चौधरी, महेश हवेलिया, ओमप्रकाश सैनी, पुष्पेंद्र सांगवान, डॉ. घनश्याम, अमित जैन, बलराम चौधरी, किशन सिंह, मोहन श्याम, मुकेश अग्रवाल एवं नरेश कुमार की उपस्थिति में हनुमान ध्वज का पूजन कर किया गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत हुई। इस दौरान ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था देखने को मिली। तीन दिन तक धार्मिक और ऐतिहासिक प्रसंगों की धूम आयोजकों के अनुसार, तीन दिवसीय भगत संगीत कार्यक्रम में कलाकार धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में भक्त पूरणमल, इंदल हरण, हरिश्चंद्र-तारावती और अमर सिंह राठौर जैसे लोकप्रिय प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को ब्रज की पारंपरिक लोककला, ऐतिहासिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें कलाकार भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगे। पारंपरिक भगत गायन और लोकनाट्य के जरिए क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया जाएगा। श्रीराम-भरत मिलाप मेले की सांस्कृतिक पहचान नगर पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण सेठ एवं जमुना चौधरी ने बताया कि श्रीराम-भरत मिलाप मेला कोसीकलां की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मेले में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम और पारंपरिक लोककलाएं क्षेत्र की पुरानी परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भगत संगीत जैसी लोककलाओं के आयोजन से नई पीढ़ी को ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक प्रसंगों और पारंपरिक गायन शैली को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सांस्कृतिक जुड़ाव और धार्मिक आस्था को भी मजबूत करते हैं। तीन दिवसीय भगत संगीत महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। आयोजन के माध्यम से कोसीकलां में ब्रज की लोक संस्कृति, भक्ति संगीत और ऐतिहासिक परंपराओं की सुरमयी छटा देखने को मिलेगी।
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