24 C
Mathura
Tuesday, March 5, 2024

संस्कृति विवि में मसल्स एनर्जी टेक्निक पर हुई कार्यशाला

संस्कृति विवि में मसल्स एनर्जी टेक्निक पर हुई कार्यशाला

संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ मेडिकल एंड एलाइड साइंसेज के तत्वाधान में विश्वविद्यालय के इंटर्नल क्वालिटी एश्योरेंस सेल द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मसल्स एनर्जी टेक्निक विषय पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन किया और इसके लाभ बताए।
कार्यशाला में उपस्थित मुख्य अतिथि डा. संजीव कुमार झा ने विद्यार्थियों को मसल्स एनर्जी टेक्निक(एमईटी) एक ऐसी तकनीक है जिसे 1948 में फ्रेड मिशेल, सीनियर, डीओ (1) द्वारा विकसित किया गया था।. यह मैनुअल थेरेपी का एक रूप है, जो ऑस्टियोपैथी में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, जो ऑटोजेनिक या पारस्परिक अवरोध के माध्यम से मांसपेशियों को आराम देने और मांसपेशियों को लंबा करने के लिए कोमल आइसोमेट्रिक संकुचन के रूप में मांसपेशियों की अपनी ऊर्जा का उपयोग करता है। स्टैटिक स्ट्रेचिंग की तुलना में जो एक निष्क्रिय तकनीक है जिसमें चिकित्सक सभी काम करता है, एमईटी एक सक्रिय तकनीक है जिसमें रोगी भी एक सक्रिय भागीदार होता है। उन्होंने कहा कि एमईटी ऑटोजेनिक इनहिबिशन और रेसिप्रोकल इनहिबिशन की अवधारणाओं पर आधारित है। यदि मांसपेशियों का एक उप-अधिकतम संकुचन उसी मांसपेशी के खिंचाव के बाद होता है, तो इसे ऑटोजेनिक निषेध एमईटी के रूप में जाना जाता है, और यदि एक मांसपेशी के एक उप-अधिकतम संकुचन के बाद विपरीत मांसपेशी का खिंचाव होता है, तो इसे पारस्परिक निषेध एमईटी के रूप में जाना जाता है।
सेंटर आफ क्रानिक डिसीज रिसर्च सेंटर के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ संस्कृति विवि के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस मौके पर उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में फिजियोथैरेपिस्ट की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मेडिकली फिट होने के बाद मरीज को सामान्य स्थिति में लाने की महत्वपूर्ण भूमिका फिजियोथैरेपी की है। उन्होंने फिजियोथैरेपी की इन्हांस स्किल का हवाला देते हुए कहा कि अत्याधुनिक यंत्रों, तकनीकियों ने फिजियोथैरेपिस्ट के काम को और उपयोगी बना दिया है। कार्यशाला की मुख्य संयोजिका संस्कृति स्कूल आफ मेडिकल एंड ऐलाइड साइंसेज की कोर्डिनेटर डा. विधि सिंह ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया

संस्कृति विवि में आयोजित इंटर्नल क्वालिटी एश्योरेंस सेल द्वारा आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि डा. संजीव कुमार झा, साथ में हैं संस्कृति विवि के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी।

Latest Posts

तन-मन को तरोताजा रखने के लिए खेल जरूरीः जेल अधीक्षक

तन-मन को तरोताजा रखने के लिए खेल जरूरीः जेल अधीक्षक

संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में सेमिनार का हुआ आयोजन

संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में सेमिनार का हुआ आयोजन

बीएएमएस की परीक्षा में तलाशी अभियान में एक पकड़ा गया नकलची

बीएएमएस की परीक्षा में तलाशी अभियान में एक पकड़ा गया नकलची

संस्कृति विवि में वैदिक विज्ञान के महत्व के साथ मना राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

संस्कृति विवि में वैदिक विज्ञान के महत्व के साथ मना राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

मानवता को शर्मसार करती ममता सरकार- नायक

मानवता को शर्मसार करती ममता सरकार- नायक

Related Articles