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Thursday, April 25, 2024

मानवता को शर्मसार करती ममता सरकार- नायक

मानवता को शर्मसार करती ममता सरकार- नायक

शाजापुर। बंगाल के संदेशखाली की हॉरर फाइल से आपकी रुह कांप जाएगी। आप सोच भी नहीं पाएंगे कि एक लोकतांत्रिक देश के एक राज्य में ऐसा भी हो सकता है। बंगाल में अभी जो हो रहा है उसे देखकर 90 के दशक में जो कश्मीर में हुआ उसकी यादें ताज़ा हो जाएगी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का शासन हिन्दुओ के लिए महिलाओं के लिए अति डरावना साबित हो रहा है। ममता का शासन निर्ममता का पर्याय साबित हो रहा है। ऐसी सरकार को बर्खास्त करना चाहिए।
यह बात भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक नायक ने शाजापुर के ट्रेफिक चौराहा पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संदेशखाली में महिलाओं पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ धरना प्रदर्शन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संदेशखाली की घटना मानवता पर धब्बा है। भाजपा ही एक मात्र पार्टी है जो प्रखरता के साथ माताओं बहनों के साथ खड़ी है।  संदेशखाली में उनकी जमीनें छीनी गई, रेप हुये, महिलाओं के साथ इतनी क्रूरता हुई लेकिन क्या मजाल कि गठबंधन वाले कुछ बोल सके जो कुछ संदेशखाली में हो रहा है वो मात्र एक घटना नहीं बल्कि एक राजनीति सोच है, जो 78 वर्ष पूर्व नोआखाली से लेकर आज के संदेशखाली तक बंगाल के लिय नासूर बनती जा रही है ।शाहजहाँ शेख़ एक व्यक्ति नहीं एक प्रवृत्ति है जिसे  बंगाल में  एक विशेष प्रकार का सेक्युलर संरक्षण प्राप्त है ।पश्चिम बंगाल की ममता सरकार मानवता और हिन्दुओ की दुश्मन बन चुकी है पीड़ितों को न्याय मिलने की जगह जिन महिलाओं ने संदेशखाली में अपने ऊपर होते यौन शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठायी उन्हीं पीड़ित महिलाओं पर एक महिला मुख्यमंत्री सत्ता का दुरुपयोग कर बंगाल पुलिस के माध्यम से डरा रही है, धमका रही है यहाँ तक कि उन पर झूठे केस कर अरेस्ट भी करवा रही है। ममता सरकार के कृत्यों से एकबात स्पष्ट है कि बंगाल अपराध अत्याचार ब्याभिचार और राक्षसों के लिए सुरक्षित स्थान बन चुका है। हलाकि हम किसी भी कीमत में ऐसा होने नही देगे अपराधियो को नाबूत करने का कार्य हर हाल में भाजपा करेगी। हम पश्चिम बंगाल की पीड़ितों के लिए आवाज बुलंद करते रहेंगे और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे।  ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल जंगलराज से भी बदतर स्थिति में साँसें ले रहा है।संदेशखाली बताता है कि वामपंथियों ने अपने शासनकाल में पश्चिम बंगाल में जिस राजनीतिक हिंसा को ‘सामान्य’ बनाया, वह टीएमसी के शासनकाल में घर से महिलाओं को उठाकर, उनके सम्मान को तार तार करने की स्थिति तक जा चुका है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हिंसा किस कदर बैठी हुई है कि यह देश ने तब भी देखा था, जब विधानसभा चुनावों में टीएमसी की जीत सुनिश्चित होते ही विपक्षी दलों को वोट देने वालों को लक्षित कर हिंसा हुई थी। हत्याएँ और लूटपाट हुई थी। बड़े पैमाने पर लोगों को पलायन कर दूसरे राज्यों में शरण लेनी पड़ी थी।ऐसी एक कहावत है कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का। सत्ता का संरक्षण दुर्दांत अपराधियो को मिलना और अपराधियों को बाचाने के लिए ममता सरकार का इस दर्जे तक जाना सभ्य समाज पर कलंक है। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की ममता सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति महोदय से इस सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। इस अवसर पर जिला महामंत्री दिनेश शर्मा, संतोष बराड़ा, नपा अध्यक्ष प्रेम जैन, उपाध्यक्ष संतोष जोशी, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप चंद्रवशी, गोपाल राजपूत, यमुना कछावा, चेतना शर्मा, मधु दवे, किरण पाटीदार, विजय जोशी, नवीन राठौर, आशुतोष श्रीवास्तव, राधेश्याम गुर्जर, कृपाल मेवाडा, रायसिंह मेवाडा, हरिओम गोठी, अर्पित परिहार, मोहन जादौन, रामप्रसाद चौधरी, किरण ठाकुर, कृष्णकांत कराड़ा, रमेश चमन, दीपक वर्मा, सोनू सोलंकी, रामचंद्र भावसार, उमेश टेलर, शैलेंद्र जैन राज, कौशल कसेरा, मुकेश दुबे, लोकेश शर्मा, दुष्यंत सोनी, पवन तवर, अजय चंदेल, धर्मेंद्र ठाकुर, भूपेंद्र मेडा, योगेश पाटीदार, पिरुलाल चौहान, रामस्वरूप पाटीदार,विश्वजीत जादौन, चिनेश जैन विक्रम कुशवाह, सहित आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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