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Sunday, May 19, 2024

के.डी. हॉस्पिटल में दूरबीन विधि से निकाला बड़ी आंत का ट्यूमर

के.डी. हॉस्पिटल में दूरबीन विधि से निकाला बड़ी आंत का ट्यूमर

के.डी. हॉस्पिटल में दूरबीन विधि से निकाला बड़ी आंत का ट्यूमर
गेस्ट्रो सर्जन डॉ. मुकुंद मूंदड़ा के प्रयासों से मिली बड़ी सफलता
मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ गेस्ट्रो सर्जन डॉ. मुकुंद मूंदड़ा 63 वर्षीय तेजराम निवासी गांव पेलखू, तहसील गोवर्धन, जिला मथुरा के लिए भगवान साबित हुए। डॉ. मूंदड़ा ने करीब 14 महीने से बड़ी आंत के ट्यूमर से जूझ रहे तेजराम को नई जिन्दगी दी है। उन्होंने बिना चीड़-फाड़ के दूरबीन विधि से बड़ी आंत का ट्यूमर निकालने के साथ ही छोटी आंत को बड़ी आंत से जोड़ने में सफलता हासिल की है। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।
ज्ञातव्य है कि गांव पेलखू निवासी तेजराम 14 महीने से लैट्रिन के रास्ते खून आने, खाना-पीना बंद हो जाने तथा वजन कम होने से परेशान था। इस परेशानी से निजात पाने के लिए वह सबसे पहले जयपुर के एक निजी चिकित्सालय गया, वहां के चिकित्सकों ने विभिन्न जांचें कराने के बाद उसका उपचार शुरू किया लेकिन मरीज को फायदा नहीं हुआ। अंततः वह के.डी. हॉस्पिटल आया और डॉ. मुकुंद मूंदड़ा से मिला। डॉ. मूंदड़ा ने मरीज का सीटी स्कैन कराया जिससे पता चला कि उसकी बड़ी आंत में एक गांठ है, जिसे निकाला जाना जरूरी है।
मरीज और उसके परिजनों की सहमति के बाद डॉ. मुकुंद मूंदड़ा ने ऑपरेशन का निर्णय लिया। डॉ. मूंदड़ा के नेतृत्व तथा डॉ. यतीश शर्मा, डॉ. विनायका श्रीवास्तव, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. मंजू सक्सेना, डॉ. नवीन कुमार सिंह तथा टेक्नीशयन शिवम के सहयोग से दूरबीन विधि से तेजराम की बड़ी आंत से ट्यूमर निकाला गया तथा बड़ी आंत के शेष हिस्से से छोटी आंत को जोड़ा गया। ऑपरेशन के तीन दिन बाद अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।
गेस्ट्रो सर्जन डॉ. मुकुंद मूंदड़ा ने बताया कि हमने बिना चीड़-फाड़ के ही गांठ निकालने का निर्णय लिया। इस तकनीक से आंत से संबंधित कैंसर को लेप्रोस्कोपी से निकाला जा सकता है। जिस जगह पर ट्यूमर था, वहां सामान्यतः दो से ढाई सेंटीमीटर का ट्यूमर होता है, लेकिन इस केस में ट्यूमर काफी बड़ा था। ऐसे में लेप्रोस्कोपी से ट्यूमर निकालना काफी चुनौतीपूर्ण था। डॉ. मूंदड़ा ने बताया कि उनके द्वारा पित्ताशय, मलाशय, अग्नाशय आदि में होने वाले कैंसर, पेट में अल्सर एवं कैंसर, अग्नाशय में होने वाली सूजन, लीवर की सड़न, बवासीर आदि की सर्जरी दूरबीन और चीरा विधि से बहुत ही कम खर्चे पर की जाती है। उन्होंने बताया कि चूंकि के.डी. हॉस्पिटल में सभी तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं लिहाजा यहां हर तरह का ऑपरेशन सहजता से किया जा सकता है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. रामकुमार अशोका तथा उप प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने मरीज की सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी है।
चित्र कैप्शनः मरीज के साथ दाएं के.डी. हॉस्पिटल के गेस्ट्रो सर्जन डॉ. मुकुंद मूंदड़ा तथा अन्य चिकित्सक

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