The magic of Palak Muchhal spread on the stage of Sanskriti University
संस्कृति विश्वविद्यालय स्पार्क 2025 के दूसरे दिन मुख्य मैदान में सजे मंच पर प्रसिद्ध गायिका पलक मुच्छल के गीतों की धूम रही। इस दौरान जहां एक ओर विद्यार्थियों का जबरदस्त शोर रहा वहीं दूसरी ओर तालियों ने पूरे माहौल को गरमा दिया।
स्पार्क 2025 के मुख्य आकर्षण के रूप में दूसरे दिन प्रसिद्ध गायिका पलक मुच्छल की गीतों भरी शाम शुरू हुई। तेज संगीत और विद्यार्थियों के बीच अनेक अनेक गीतों को एक लड़ी में प्रयोग कर पलक मुच्छल ने अपनी शाम की शुरुआत की। जब वे मंच पर आई तो विद्यार्थियों का शोर अपने चरम पर पहुंच गया। जैसे ही जिया जाए, जिया जाए ना मोरे पिया रे गाते हुए मंच पर आई तो संस्कृति के छात्र छात्राओं ने तालियां के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने शुरुआत की एमएस धोनी फिल्म के प्रसिद्ध गीत, जब-जब सांसे भर्ती हूं ..कौन तुझे प्यार करेगा जैसे मैं करती हूं, से की। इसके बाद उन्होंने अपने प्रसिद्ध गीत आशिकी 2, हम तेरे बिन रह नहीं सकते, तेरे बिन अब जीना क्या, क्योंकि तुम ही हो, तुम ही हो तुम ही हो..। पलक के गीतों का यह क्रम जारी था और उनके गीतों पर युवा छात्र-छात्राएं झूम रहे थे। इसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध गीत मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर, जो नजर से मिलाई मजा आ गया। एक तो यह गीत ही बहुत लोकप्रिय है दूसरा पलक ने जिस अंदाज से इसको गया उसने सारे श्रोताओं के दिल और दिमाग पर जादू सा बिखैर दिया। सभी सुनने वाले गीतों की धुन पर ठुमकने लगे। इसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध गीत सनम तेरी कसम गया और फरमाइशी गीतों को गाकर पलक लगातार विद्यार्थियों का दिल बहलाती रहीं। इनमें तेरी दीवानी, तेरे नाम से जी लूं तेरे नाम से मर जाऊं, गब्बर इस बैक का प्रसिद्ध गीत, सनम तू मेरा, तेरी मेरी कहानी, अभी चलता हूं दुआओं में याद रखना, सुनाया। ढेर सारी फरमाइशों को देखते हुए उन्होंने अपने गाए सभी गीतों को एक लड़ी में पिरोकर सुनना शुरू कर दिया, मैं तेनू समझावां की, तू है तो फिर क्या चाहिए, दिल एक दरिया, केसरिया तेरा इश्क है पिया सुनाया।
पलक ने अपने गीतों के बीच अपने भाई पलाश पलाश मुच्छल को भी इंट्रोड्यूस किया। उन्होंने काफी गीत सुनाए और कुछ देर के लिए पलक को विश्राम भी दिया। पलाश मुच्छल के बाद फिर से पलक आई और उन्होंने अपनी शुरुआत के गीतों जिसमें प्रेम रतन धन पायो, जैसे गीत सुन कर युवा विद्यार्थियों का खूब मनोरंजन किया।
इस गीतों भरी शाम का शुभारंभ संस्कृत विश्वविद्यालय की परंपराओं के अनुसार मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। दीप प्रज्वलन संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ सचिन गुप्ता ने कुलपति प्रोफेसर बीएम चेट्टी, सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और अन्य अतिथियों के साथ किया। संस्कृति विवि के प्रो चांसलर राजेश गुप्ता ने शानदार आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं।इस मौके पर दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम भी बहुत सराहा गया। विद्यार्थियों ने गीतों भरी शाम को देर रात तक खूब एंजॉय किया पलक मुच्छल के बाद प्रसिद्ध डीजे ने जब मंच पर गीतों की संख्या शुरू की तो समय कब गुजर गया पता ही नहीं चला श्याम लगभग 7:30 बजे से शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर रात 12:00 के बाद तक चला।
बेसहारा बच्चों की बड़ी मदद करती हैं पलक
अपनी दिल को छूने वाली आवाज के साथ बॉलीवुड, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे प्लेटफार्म पर राज करने वाली पलक सात वर्ष की उम्र से गा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे अपनी कमाई का 99 प्रतिशत से अधिक हृदय रोगी बच्चों के ऑपरेशन के लिए खर्च कर देती हैं। अब तक तीन हजार चार सो अट्ठासी बच्चों के हार्ट का ऑपरेशन कराकर उनको स्वस्थ जीवन दे चुकी हैं, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है। इसके लिए उन्होंने विशेष रूप से बॉलीवुड स्टार सलमान खान के सहयोग की प्रशंसा की।

