सरयू की कटान से संकट में सैकड़ों साल पुराना मंदिर, नदी में समाईं 2 समाधियां; मुस्लिम विधायक ने की बचाने की दुआ

  • 3 days ago
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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सरयू नदी की तेज कटान से हेतमापुर गांव स्थित बाबा नारायण दास का सैकड़ों साल पुराना मंदिर खतरे में आ गया है। नदी लगातार मंदिर की ओर बढ़ रही है और कटान के कारण मंदिर का एक हिस्सा नदी की तरफ लटक गया है। मंदिर परिसर में मौजूद दो समाधियां भी सरयू नदी में समा चुकी हैं। अब नदी का पानी मंदिर के बरामदे तक पहुंच गया है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सरयू नदी पिछले कुछ समय से लगातार जमीन काट रही है। इसका असर मंदिर परिसर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। नदी के करीब पहुंचने से मंदिर की नींव और आसपास की जमीन को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की मांग है कि समय रहते कटानरोधी और बचाव कार्य शुरू किया जाए।

बाबा नारायण दास का यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां बाबा नारायण दास की समाधि है और हर साल मेला भी आयोजित होता है, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर पर मंडराते खतरे को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

मुस्लिम विधायक ने मंदिर के लिए की दुआ

मंदिर को बचाने की मांग के बीच क्षेत्रीय विधायक फरीद महफूज किदवई भी सामने आए। उन्होंने मंदिर के सुरक्षित रहने के लिए अल्लाह से दुआ की और इसे बचाने की अपील की। उनका यह बयान स्थानीय स्तर पर चर्चा में है।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सरयू नदी की कटान को रोकना है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बचाव कार्य नहीं शुरू हुआ तो मंदिर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की ओर है कि मंदिर और आसपास के क्षेत्र को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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