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Friday, July 12, 2024

संस्कृति विवि ने औद्योगिक इकाईयों के साथ शुरू किए नए पाठ्यक्रम

संस्कृति विवि ने औद्योगिक इकाईयों के साथ शुरू किए नए पाठ्यक्रम

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में कुछ ऐसे नए कोर्स शुरू किए गए हैं जिनमें विद्यार्थी नामी-गिरामी उद्योंगों के साथ जुड़कर अपना अध्ययन तो करेंगे ही साथ ही उनको इंटर्नशिप के साथ नौकरी के अवसर भी मिलेंगे। कौशल आधारित इन कोर्सेज में विद्यार्थियों को औद्योगिक इकाईयों के साथ काम करने और प्रशिक्षण पाने के मौके भी मिलेंगे।
संस्कृति विश्वविद्यालय की सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने एक जानकारी में बताया कि बीएससी इन कास्मोटोलॉजी, बीबीए इन लाजिस्टिक दो नए पाठ्यक्रम संस्कृति विश्वविद्यालय में शुरू किए जा रहे हैं। ये दोनों की पाठ्यक्रम नामचीन उद्योंगों के साथ मिलकर शुरू किए जा रहे हैं। ये औद्योगिक इकाइयां इन विषयों से संबंधित उद्योग संचालित करती हैं। व्यावसायिक क्षेत्र में बदलती मांग के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान होना बहुत जरूरी है। विश्वविद्यालय इस बात को अच्छी तरह से समझता है इसीलिए शिक्षा को उद्योग से जोड़कर विद्यार्थियों के कौशल में निखार लाऩे के लिए ये प्रयास किए गए हैं। अच्छी बात यह है कि विद्यार्थियों को इन औद्योगिक इकाइयों में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा तो वह अपने विषय को और अच्छी तरह से समझ सकेंगे। विश्वविद्यालय सेंटर आफ एक्सीलेंस, ट्रेनिंग सेंटर भी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध करा रहा है। विद्यार्थियों को एप्रेंटिसशिप और रोजगार के अवसर भी सहजता से मिलेंगे। इनमें पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप/एप्रेंटिसशिप जॉब स्टाइपंड के साथ मिलेगी। कुछ अन्य महत्वपूर्ण वेल्युएडेड कोर्सेज भी शुरू किए गए हैं, जो रोजगार दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे। सीईओ ने बताया कि ये सभी पाठ्यक्रम उद्योग जगत की मांग को देखते हुए शुरू किये जा रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि औद्योगिक कंपनियां भी इन पाठ्यक्रमों में भागीदारी करेंगी। ये कंपनियां अपने यहां इन विद्यार्थियों को इंटर्नशिप भी देंगी ताकि पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ-साथ उन्हें प्रशिक्षित करने और रोजगार देने में सहजता हो सके। श्रीमती शर्मा ने कहा कि संस्कृति विवि निरंतर इस प्रयास में है कि तेजी से बदलते औद्योगिक और सेवा प्रदाता कंपनियों के काम के अनुसार विद्यार्थियों को शिक्षा एवं प्रशिक्षण दिया जा सके। विद्यार्थी अपनी रुचि के आधार पर कोर्सेज का चयन कर सकें और जब रोजगार पाएं तो उनको जो काम मिले उससे वे अपरिचित न हों। विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माण की दृष्टि से संस्कृति विवि औद्योगिक जगत की भागीदारी के साथ इन कोर्सों शुरू करने जा रहा है।

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