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Friday, April 4, 2025

चित्र परिचयःसंस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए साथ में विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और इंजीनियरिंग विभाग के विंसेंट बालू भी रहे उपस्थित

संस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए साथ में विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और इंजीनियरिंग विभाग के विंसेंट बालू भी रहे उपस्थित

संस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए: संस्कृति विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों द्वारा दिया गया एक बेहतरीन आफ रोड इलेक्ट्रिक बग्घी निर्माण कर नई संभावनाओं को जन्म |इस बग्घी को लांच करने के कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति द्वारा विद्यार्थियों के इस प्रयास के लिए उनकी की सराहना भी की गई है।

संस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए साथ में विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और इंजीनियरिंग विभाग के विंसेंट बालू भी रहे उपस्थित संस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए: संस्कृति विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों द्वारा दिया गया एक बेहतरीन आफ रोड इलेक्ट्रिक बग्घी निर्माण कर नई संभावनाओं को जन्म |इस बग्घी को लांच करने के कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति द्वारा विद्यार्थियों के इस प्रयास के लिए उनकी की सराहना भी की गई है। संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा किया गया इलेक्ट्रिक बग्घी का निर्माण कार्यक्रम के कोर्डिनेटर विनसेंट बालू द्वारा इससे सम्बन्धित जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रिक बग्घी मूल रूप से एक हल्के ऑफ-रोड वाहन की श्रेणी में आता है। इसे विशेष रूप से रेतीले और ऑफ रोड इलाकों से जुड़ी यात्राओ के उद्देश्य से बनाया गया है। इस विद्युत बग्घी को डिजाइन और तैयार करने से जुड़ा मूल लक्ष्य ऑटोमोबाइल क्षेत्र में विद्युतीकरण की विश्वसनीयता और प्रगति को बढ़ावा देना है। इस बग्घी का निर्माण 500 किलोग्राम तक भार ढोने के अनुरूप किया गया है। इस छोटी गाड़ी से जुड़ा सबसे बड़ा फायदा यहीं है कि ये पूर्ण रूप से उत्सर्जन मुक्त है और 40 किमी प्रति घंटा तक की रफ़्तार से चल सकती है | ये एक बार पूर्ण रूप से चार्ज करने के बाद 80 किमी (लगभग) की दूरी तक चल सकती है। इस छोटी गाड़ी से जुड़े मॉडल की अपार भविष्य की संभावनाएं को देखते हुए विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों का लक्ष्य इस मॉडल को गैर- पारंपरिक ऊर्जा संसाधन का प्रयोग करके पूरी तरह से स्वचालित बनाने का है। संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता द्वारा इस इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए अपने संबोधन में कहा गया कि “इलेक्ट्रिक वाहन बनाने में छात्रों के कठिन प्रयासों और नवोन्मेष की दृढ़ इच्छा समाहित है। आज के विद्यार्थी को वक्त की जरूरत को देखते हुए नए अविष्कारों के बारे में सोचकर उन्हें धरातल पर लाना चाहिए । इस मौके पर इलेक्ट्रिक बग्घी का टेस्ट ड्राइव भी किया गया जो पूर्ण तौर पर सफल रहा। इस इलेक्ट्रिक बग्घी का निर्माण बी.टेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष से जुड़े छात्रों द्वारा कठिन और निरंतर प्रयासों के बाद संभव किया गया है । इसके निर्माण में छात्र थोकचोम, सतीश, मोनू, दीपक, जीवन और अखिलेश द्वारा इसको मूर्त रूप दिया गया है । इसके निर्माण में इन छात्रों का मागदर्शन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के फैकल्टी अंशुमन सिंह सहित अन्य फैकल्टी और लैब स्टाफ के द्वारा किया गया है।
संस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए

संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा किया गया इलेक्ट्रिक बग्घी का निर्माण

कार्यक्रम के कोर्डिनेटर विनसेंट बालू द्वारा इससे सम्बन्धित जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रिक बग्घी मूल रूप से एक हल्के ऑफ-रोड वाहन की श्रेणी में आता है। इसे विशेष रूप से रेतीले और ऑफ रोड इलाकों से जुड़ी यात्राओ के उद्देश्य से बनाया गया है। इस विद्युत बग्घी को डिजाइन और तैयार करने से जुड़ा मूल लक्ष्य ऑटोमोबाइल क्षेत्र में विद्युतीकरण की विश्वसनीयता और प्रगति को बढ़ावा देना है।

इस बग्घी का निर्माण 500 किलोग्राम तक भार ढोने के अनुरूप किया गया है। इस छोटी गाड़ी से जुड़ा सबसे बड़ा फायदा यहीं है कि ये पूर्ण रूप से उत्सर्जन मुक्त है और 40 किमी प्रति घंटा तक की रफ़्तार से चल सकती है | ये एक बार पूर्ण रूप से चार्ज करने के बाद 80 किमी (लगभग) की दूरी तक चल सकती है। इस छोटी गाड़ी से जुड़े मॉडल की अपार भविष्य की संभावनाएं को देखते हुए विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों का लक्ष्य इस मॉडल को गैर- पारंपरिक ऊर्जा संसाधन का प्रयोग करके पूरी तरह से स्वचालित बनाने का है।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता द्वारा इस इलेक्ट्रिक बग्घी का अनावरण करते हुए अपने संबोधन में कहा गया कि “इलेक्ट्रिक वाहन बनाने में छात्रों के कठिन प्रयासों और नवोन्मेष की दृढ़ इच्छा समाहित है। आज के विद्यार्थी को वक्त की जरूरत को देखते हुए नए अविष्कारों के बारे में सोचकर उन्हें धरातल पर लाना चाहिए । इस मौके पर इलेक्ट्रिक बग्घी का टेस्ट ड्राइव भी किया गया जो पूर्ण तौर पर सफल रहा।

इस इलेक्ट्रिक बग्घी का निर्माण बी.टेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष से जुड़े छात्रों द्वारा कठिन और निरंतर प्रयासों के बाद संभव किया गया है । इसके निर्माण में छात्र थोकचोम, सतीश, मोनू, दीपक, जीवन और अखिलेश द्वारा इसको मूर्त रूप दिया गया है । इसके निर्माण में इन छात्रों का मागदर्शन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के फैकल्टी अंशुमन सिंह सहित अन्य फैकल्टी और लैब स्टाफ के द्वारा किया गया है।

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