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Friday, July 12, 2024

बूथ कैपचरिंग को लेकर प्रशासन पर भड़के गैर भाजपाई दल

पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि मौजूदा डीएम, सीडीओ और एसडीएम सदर के रहते नहीं हो सकती निष्पक्ष मतगणना

मैनपुरी। सोमवार को मतगणना स्थल टीईपी सेंटर के समीप पत्रकारों से वार्ता करते हुए नगर पालिका परिषद मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी सुमन वर्मा, निर्दलीय प्रत्याशी नेहा गुप्ता, कांग्रेस प्रत्याशी आराधना गुप्ता, बसपा प्रत्याशी रेखा पांडे और निर्दलीय प्रत्याशी उषा ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहां कि मैनपुरी नगर पालिका के चुनाव में जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी एवं एसडीएम सदर ने भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम किया तथा गुंडों को पोलिंग बूथ लूटने की खुली छूट दी। हम लोगों के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं की गई।
गत 4 मई को मतदान के दौरान जिला अधिकारी अविनाश कृष्ण, मुख्य विकास अधिकारी/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार व निर्वाचन अधिकारी नगरपालिका परिषद/ एसडीएम सदर नवोदिता शर्मा एवं पुलिस की शह पर अराजकता का नंगा नाच हुआ। उन्होंने एक पार्टी कार्यकर्ता की तरह कार्य करते हुए अराजक तत्वों को बूथ लूटने की खुली छूट दी। परिणाम स्वरूप अध्यक्ष पद की भाजपा प्रत्याशी संगीता गुप्ता के पति आलोक गुप्ता ने गुंडों की मदद से मतदान केंद्रों पर जमकर उत्पात मचाया और जबरन वोट डालकर बूथ कैपचरिंग की। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी गुंडों के मददगार बने रहे और मतदाताओं को हड़काते रहे। दर्जन भर से अधिक बूथों पर गुंडों ने भय और आतंक का माहौल पैदा करके कब्जा किया। बूथों पर कब्जा करते गुंडों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और प्रमुख समाचार पत्रों में भी इसे लेकर खबरें प्रकाशित हुई है। सारे प्रमाण सामने हैं। इन हालातों में एक पार्टी के कार्यकर्ता बने डीएम मुख्य विकास अधिकारी और एसडीएम से हम सब को न्याय की कोई उम्मीद नहीं है। यहां पर आपको यह बताना भी जरूरी है कि सारे नियमों को ताक पर रखकर भाजपा का चहेता होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी को उप जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई जबकि यह दायित्व अपर जिलाधिकारी को सौंपा जाना चाहिए था। मतदान के दौरान सीडीओ ने इस एहसान का बदला भी निर्वाचन की पारदर्शिता और निष्पक्षता का चीर हरण करके चुकाया। मतगणना में भी गड़बड़ी की तैयारियां की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि बाहरी जनपद के किसी ईमानदार अधिकारी को भेजकर उनकी देखरेख तथा सीसीटीवी की निगरानी में मतगणना कराई जाए। साथ ही मतगणना स्थल के अंदर और बाहर पुलिस के स्थान पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाए। डीएम, सीडीओ और एसडीएम सदर को मतगणना के कार्यों से दूर रखा जाए। ऐसा नहीं हुआ तो हम सभी प्रत्याशी मतगणना का बहिष्कार करने को बाध्य हो सकते हैं। इस संबंध में सभी प्रत्याशियों का हस्ताक्षर युक्त पत्र राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश एवं प्रेक्षक मैनपुरी को भी भेजा गया है।

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