32.5 C
Mathura
Friday, July 12, 2024

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को बड़ी कंपनियों ने दीं नौकरी

मथुरा — संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को देश की विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने आनलाइन चयन प्रक्रिया अपनाकर अपनी कंपनियों में नौकरी दी है। आनलाइन हुए प्लेसमेंट के दौरान लंबी चयन प्रक्रिया के बाद इन विद्यार्थियों ने जाब आफर हासिल किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं |
संस्कृति विवि की एमबीए की छात्रा विशाखा सिंह राठौर ने ब्ल्यूस्टोन कंपनी में आनलाइन हुई चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल की है। कंपनी ने उन्हें अच्छे वेतनमान पर अपने यहां काम करने का अवसर प्रदान किया है। एमबीए की छात्रा सोनिया सिंह ने एचपी इंजीनियर्स वर्क्स में आनलाइन इंटरव्यू के माध्यम से नौकरी हासिल की है। बी.काम. की छात्रा निधि तिवाली को एक्स्पोबिज आईटी सोल्यूशन कंपनी ने अपने यहां नौकरी दी है। संस्कृति विवि के इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा के छात्र प्रवेंद्र चाहर को माइक्रो इन्नोटेक इंडिया प्रा.लि. ने अपने यहां नौकरी दी है। वहीं इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा के एक अन्य छात्र ब्रजकिशोर को इलेक्ट्रोस्मार्ट टेक्नोलाजी कंपनी में नौकरी पाने में सफलता हासिल हुई है। देश की नामी कंपनी आईडीएस इन्फोटेक लि. ने संस्कृति विवि की बी. फार्मा की छात्रा हिंतांशी अग्रवाल तथा बीएससी बायोटेक की छात्रा प्रज्ञा सिंह को आनलाइन इंटरव्यू कर अपनी कंपनी के लिए चयनित किया है।
विद्यार्थियों के इस चयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए संस्कृति विवि के अधिकारियों ने विभिन्न कंपनियों में नौकरी पाने वाले छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Latest Posts

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को कॉन्टिनुआ कंपनी ने दी नौकरी

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को कॉन्टिनुआ कंपनी ने दी नौकरी

बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए सपा नेता राजू

बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए सपा नेता राजू

कैंसर के खिलाफ लड़ाई में ऑन्कोलॉजी काफी मददगारः डॉ. सुरेंद्र सिंह

कैंसर के खिलाफ लड़ाई में ऑन्कोलॉजी काफी मददगारः डॉ. सुरेंद्र सिंह

महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय डीग मे आयोजित हुआ भामाशाह का सम्मान समारोह

महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय डीग मे आयोजित हुआ भामाशाह का सम्मान समारोह

मैं सेना की वजह से ज़िंदा हूँ : देबस्मिता राणा

मैं सेना की वजह से ज़िंदा हूँ : देबस्मिता राणा

Related Articles