उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अमृतपुर बाईपास के निर्माण से लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस बाईपास के बनने से यातायात को सुगम बनाने और स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। पर्यटन सीजन और वीकेंड पर लगने वाले लंबे जाम से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माणाधीन अमृतपुर बाईपास का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। AajTak
दरअसल, अक्टूबर की शुरुआत में लंबे वीकेंड के दौरान कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। एक ही दिन में 45 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जिसके चलते कई मार्गों पर लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। नैनीताल, रानीखेत, अल्मोड़ा और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने वाले यात्रियों को भी यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। AajTak
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाईपास का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए बजट स्वीकृत किया जा चुका है और धन की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। AajTak
अधिकारियों के मुताबिक, अमृतपुर बाईपास का अब तक करीब 15 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के पहले चरण के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपये और दूसरे चरण के लिए 4 करोड़ 69 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं और कुमाऊं के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना पूरी होने तक लोगों को यातायात संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।