मथुरा। मर्यादा, प्रेम और त्याग की मिसाल प्रस्तुत करने वाली रामायण की भावपूर्ण लीला मथुरा के चौक बाजार में देखने को मिली। श्री रामलीला सभा के तत्वावधान में आयोजित भव्य भरत मिलाप में प्रभु श्रीराम और भरत सहित चारों भाइयों का मिलन हुआ। इस भावुक दृश्य को देखकर श्रद्धालु भक्ति और भावनाओं में डूब गए।
मथुरा के चौक बाजार में आयोजित भरत मिलाप की लीला ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण पुष्पक विमान में सवार होकर चित्रकूट से चौक बाजार पहुंचे, वहीं भरत और शत्रुघ्न की सवारी दूसरे मार्ग से होते हुए आयोजन स्थल पर पहुंची। जैसे ही चारों भाइयों का मिलन हुआ, पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु लीला के साक्षी बने और भावुक नजर आए।
भरत मिलाप के पश्चात प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमानजी की सवारी शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई रंगेश्वर स्थित रमण बिहारी मंदिर, कार्ष्णि आश्रम पहुंची। यहां कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज एवं संतों ने भगवान के स्वरूपों को प्रसाद ग्रहण कराया और आरती उतारकर पूजा-अर्चना की।
इसके बाद सवारी कोतवाली रोड, भरतपुर गेट, घीया मंडी और मंडी रामदास होते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
भरत मिलाप की इस लीला ने एक बार फिर भाईचारे, त्याग, प्रेम और पारिवारिक मर्यादाओं का संदेश दिया।