मथुरा के बीएसए कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. योगेंद्र उपाध्याय मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। वहीं, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए मंत्री ने नशामुक्ति विषय पर प्रतियोगिता आयोजित कराने की घोषणा की। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र या छात्रा को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
मथुरा के बीएसए कॉलेज स्थित श्यामा चरण सभागार में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला में शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा और युवाओं के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. योगेंद्र उपाध्याय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को बताते हुए शिक्षा को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंत्री ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना भी है। भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ज्ञान को शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने नशामुक्ति विषय पर प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा करते हुए बताया कि इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान हासिल करने वाले को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
मंत्री ने शिक्षकों से भी नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर कक्षा शुरू होने से पहले कम से कम एक मिनट विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताएं और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उनका मानना है कि शिक्षकों के निरंतर प्रयासों से युवाओं में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश के साथ बीएसए कॉलेज में आयोजित इस संगोष्ठी ने शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता के महत्व को भी सामने रखा।