मथुरा के लाल दरवाजा स्थित श्री दुर्गा पूजा समिति द्वारा शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। महोत्सव के दौरान मां दुर्गा की भव्य झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन के लिए नवरात्रि में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। नवमी के अवसर पर आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मां के जयकारों, शंखनाद और बंगाल के पारंपरिक ढाक की थाप से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। आयोजन में बंगीय समाज की धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक देखने को मिली। इस दौरान बंगीय समाज के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और आरती कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
पंडाल में विराजमान मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित किया, वहीं बंगाल के प्रसिद्ध ढाक की थाप भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। महोत्सव के दौरान मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें मां दुर्गा का स्वरूप धारण कर कलाकारों ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मथुरा में बंगीय समाज कई वर्षों से दुर्गा पूजा की परंपरा को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाता आ रहा है। यह महोत्सव धार्मिक आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।