महोबा जिले के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के किल्हौवा गांव से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पत्नी और बेटे की मौत के गम से टूट चुके 55 वर्षीय रज्जन राजपूत ने अवैध तमंचे से अपने सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार देर रात गांव की बारातशाला में हुई, जहां उनका खून से लथपथ शव मिलने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
परिजनों के अनुसार रज्जन राजपूत गांव में परचून की छोटी गुमटी चलाकर अपना जीवनयापन करते थे। करीब पांच वर्ष पहले उनके छोटे बेटे जीतू ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि लगभग दो वर्ष पूर्व उनकी पत्नी संतोषी का निधन हो गया था। लगातार दो अपनों को खोने के बाद रज्जन गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में रहने लगे थे। परिवार का कहना है कि वह अक्सर शराब के नशे में रहते थे और पहले भी दो बार सल्फास खाकर तथा फांसी लगाकर जान देने की कोशिश कर चुके थे।
रविवार शाम रज्जन शराब के नशे में तमंचा और कारतूस लेकर गांव में घूमते दिखाई दिए थे। देर रात वह बारातशाला पहुंचे, जहां उन्होंने खुद को सीने में गोली मार ली। गोली इतनी तेज थी कि सीने को भेदते हुए नीचे रखे तख्त के पार निकल गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पनवाड़ी थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से अवैध तमंचा बरामद किया, जबकि मृतक की जेब से दो जिंदा कारतूस भी मिले हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
एएसपी वंदना सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला मानसिक अवसाद के चलते आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।