11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर संस्कृति आयुर्वेदिक पी.जी. मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में “साक्ष्य आधारित आयुर्वेद” विषय पर विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शोध और वैज्ञानिक प्रमाणों से जोड़कर आयुर्वेद की अकादमिक समझ को सशक्त बनाना रहा
संतोष मैमोरियल ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विशेषज्ञ वक्ता डॉ. प्रसाद ममिडी (प्रोफेसर, काया चिकित्सा विभाग, नैमिनाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, आगरा) ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, क्लिनिकल दस्तावेजीकरण, केस रिपोर्ट और शोध-पत्र लेखन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की शास्त्रीय परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है
संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहनन ने कहा कि आयुर्वेद एक व्यक्ति-केंद्रित चिकित्सा पद्धति है, जो स्वस्थ जीवनशैली, रोगों की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और व्यक्तिगत उपचार पर आधारित है
कार्यक्रम में बाह्य चिकित्सा विभाग के डॉ. मनीष तोमर, शल्य चिकित्सा विभाग के डॉ. विनोद कुमार तथा संहिता विभाग की डॉ. श्री विद्या ने भी विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता सुधिष्ठा ने किया तथा अंत में डॉ. एकता कपूर ने धन्यवाद ज्ञापित किया
चित्र परिचय: संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते विशेषज्ञ वक्ता