मथुरा में यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जनपद में फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और लोगों को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
एडीएम एफआर पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि मथुरा में यमुना का खतरे का जलस्तर 165 मीटर निर्धारित है, जबकि वर्तमान में जलस्तर करीब 164 मीटर है। यानी यमुना अभी खतरे के निशान से लगभग एक मीटर नीचे बह रही है।
एडीएम के मुताबिक यमुना का जलस्तर बढ़ने के दौरान खादर क्षेत्र के कुछ निचले मकानों तक पानी पहुंचा था, लेकिन किसी भी मकान के अंदर पानी नहीं घुसा।
वहीं वृंदावन परिक्रमा मार्ग के कुछ हिस्सों में पानी आने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग कर वहां आवागमन रोक दिया था, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब यमुना का पानी धीरे-धीरे वापस उतर रहा है और फिलहाल जिले में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
एडीएम एफआर ने बताया कि फिलहाल कोकिला बैराज या हथिनीकुंड से पानी छोड़े जाने की स्थिति नहीं है। ऐसे में आने वाले समय में यमुना के जलस्तर में और कमी आने की संभावना है।
प्रशासन लगातार यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों को भी सतर्क रखा गया है।
एडीएम ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर विश्वास न करें। यदि स्थिति गंभीर होती है तो जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर लोगों को जानकारी दी जाएगी।
फिलहाल प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि मथुरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने के बावजूद बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और पानी अब घटने लगा है।