रिपोर्ट — ब्रजवासी लाल
मथुरा के बहुचर्चित फिजियोथेरेपी छात्र विपिन हत्याकांड के पीछे अब प्रेम संबंध, ब्लैकमेलिंग और कथित साजिश की एक खौफनाक कहानी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक शादी से पहले एक महिला से विपिन के संबंध थे और महिला की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो उसके पास मौजूद थे।
आरोप है कि इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को डिलीट करने को लेकर विवाद बढ़ा और महिला के पति ने कथित तौर पर विपिन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार महिला के जरिए इंस्टाग्राम वीडियो कॉल कर विपिन को धौरेरा जंगल बुलाया गया, जहां उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों विक्रम और अमन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने और महिला को भी जेल भेजने की कार्रवाई की है। लेकिन मृतक के परिजन पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
दरअसल, 5 अगस्त को नीमगांव, गोवर्धन निवासी फिजियोथेरेपी छात्र विपिन की धौरेरा जंगल में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कथित प्रेम संबंध तथा ब्लैकमेलिंग से जुड़े पहलुओं को जांच का हिस्सा बनाया।
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि विपिन के पास महिला की कुछ निजी तस्वीरें और वीडियो थे। इन्हें डिलीट करने को लेकर कथित तौर पर विवाद चल रहा था। इसके बाद महिला के पति ने कथित रूप से हत्या की साजिश रची
पुलिस का दावा है कि महिला ने विपिन को इंस्टाग्राम पर वीडियो कॉल की और उसे धौरेरा जंगल में बुलाया। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने कथित तौर पर विपिन पर हमला किया और उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।
मामले में पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के इनामी आरोपी विक्रम और अमन को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। महिला को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
मृतक विपिन के परिवार का आरोप है कि इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता मोनू उर्फ अमरजीत है, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के बजाय कथित तौर पर थाने में बैठाए हुए है।
इसी आरोप को लेकर परिजन आज RLD नेता कुंवर नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसएसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।
RLD नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि छाता थाना पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। उनका कहना है कि मथुरा के पुलिस कप्तान श्लोक कुमार ईमानदार अधिकारी हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी को कई दिनों से थाने में रखा गया है और उसके खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिलता, उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
वहीं मृतक विपिन के ताऊ नेत्रपाल ने आरोप लगाया कि नीमगांव का मोनू उर्फ अमरजीत घटना से पहले करीब 15 दिनों तक विपिन की रेकी कर रहा था और वही इस हत्याकांड का कथित मुख्य सूत्रधार है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के रिश्तेदार की राजनीतिक पहुंच के चलते पुलिस उस पर कार्रवाई करने से बच रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विपिन हत्याकांड में पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा किया है, लेकिन परिजनों के आरोपों ने जांच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस जांच में सामने आए सभी कथित साजिशकर्ताओं के खिलाफ समान कार्रवाई करेगी? क्या परिवार द्वारा लगाए गए राजनीतिक दबाव के आरोपों की भी जांच होगी? और आखिर विपिन की हत्या की पूरी साजिश के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे?
फिलहाल परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है और पुलिस से मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।