मथुरा-वृंदावन में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या को लेकर क्षत्रिय करणी सेना के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक नगरी होने के कारण मथुरा-वृंदावन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जिसके चलते शहर की यातायात व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
करणी सेना के पदाधिकारियों के मुताबिक, रोडवेज बसें निर्धारित बस स्टैंड के बजाय सड़क किनारे रुकती हैं, जिससे प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। वहीं ई-रिक्शा चालक भी मनमाने स्थानों पर सवारी बैठाने और उतारने का काम करते हैं। इसके कारण प्रमुख चौराहों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
जाम के कारण स्थानीय लोगों, व्यापारियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संगठन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो जाती है।
करणी सेना ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की कि रोडवेज बसों के लिए निर्धारित स्टैंड तय किए जाएं, ताकि बसों के सड़क पर खड़े होने से यातायात बाधित न हो। इसके साथ ही ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करने और प्रमुख स्थानों पर उनके लिए व्यवस्थित स्टैंड बनाए जाने की मांग की गई।
संगठन ने जाम वाले प्रमुख स्थानों पर यातायात पुलिस की नियमित कार्रवाई बढ़ाने और यातायात व्यवस्था के लिए स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी।
करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन, नगर निगम और यातायात पुलिस को संयुक्त रूप से प्रभावी योजना बनाकर उसका सख्ती से पालन कराना चाहिए।