मथुरा। यूजीसी के नए नियमों और दिशानिर्देशों के विरोध में सोमवार को मथुरा कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर युवाओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने की मांग करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन, हड़ताल और भूख हड़ताल जैसे विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक जाति या धर्म के छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के सभी विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान पवन दुबे ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने से इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य और शिक्षा के माहौल पर पड़ सकता है। उन्होंने यूजीसी के नए प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
वहीं एनपी सिंह ने यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो मथुरा में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो इसका राजनीतिक असर आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है।
प्रदर्शन के बाद युवाओं और छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।