मथुरा। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश किसान सभा मथुरा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर पहले भी जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
किसान सभा ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार के सामने आठ प्रमुख मांगें रखीं। पदाधिकारियों ने बिजली विधेयक वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
किसान सभा ने छाता चीनी मिल को दोबारा चालू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा धान का एमएसपी 2,150 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने और किसानों की सुविधा के लिए ब्लॉक स्तर पर तौल केंद्र खोलने की मांग की गई।
ज्ञापन में किसान सभा ने सभी किसानों के कर्ज माफ करने, चार श्रम कोड वापस लेने और पुरानी मनरेगा व्यवस्था बहाल करने की मांग की। साथ ही किसानों को खेती के समय होने वाली खाद की समस्या से राहत दिलाने के लिए डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।
किसान सभा ने मथुरा रिफाइनरी से होने वाले प्रदूषण से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत की मांग उठाई। संगठन ने मांग की कि प्रभावित लोगों को पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी पर छूट दी जाए।
किसान सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो किसान सभा आगे भी आंदोलन और संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगी।