उत्तर प्रदेश। प्रदेश में छात्राओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। योजना के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को जूडो, कराटे और अन्य आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के लिए विद्यालयों में प्रतिदिन एक घंटे की अतिरिक्त कक्षा संचालित किए जाने की योजना है। यह प्रशिक्षण लगातार तीन महीने तक चलेगा। इस दौरान छात्राओं को ऐसी तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा, जिनकी मदद से वे किसी आपात या असुरक्षित परिस्थिति में अपनी सुरक्षा करने में सक्षम बन सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाना नहीं, बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास, साहस और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया जाएगा।
योजना के संचालन में ब्लैक बेल्ट प्राप्त जूडो-कराटे प्रशिक्षकों और योग्य प्रशिक्षित शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। प्रशिक्षक विद्यालयों में पहुंचकर छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराएंगे। इससे छात्राओं को नियमित रूप से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम प्रभावी तरीके से लागू होने पर बड़ी संख्या में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के साथ उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।