मथुरा/बलदेव। दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बलदेव में विशेष दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आंगनबाड़ी से लेकर कक्षा 8 तक पढ़ने वाले 3 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का पंजीकरण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
शिक्षा विभाग के स्पेशल एजुकेटर पंकज कुमार ने बताया कि शिविर में अब तक 50 से अधिक बच्चों का पंजीकरण किया जा चुका है। पंजीकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम बच्चों की जांच करेगी। चिकित्सकीय परीक्षण में दिव्यांगता की पुष्टि होने पर पात्र बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में करीब 50 से 70 बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, निर्धारित लक्ष्य से अधिक पात्र बच्चे शिविर में पहुंचते हैं तो उन्हें भी प्रमाण पत्र की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रयास रहेगा कि कोई भी पात्र बच्चा दिव्यांग प्रमाण पत्र से वंचित न रहे।
स्पेशल एजुकेटर पंकज कुमार ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के दिव्यांग व्यक्ति, जिनका अभी तक दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बना है, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे लोग जिला अस्पताल (सौ शैया अस्पताल) पहुंचकर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के माध्यम से आवश्यक जांच एवं प्रक्रिया पूरी कर अपना प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. लाल सिंह, डॉ. सचिन गुप्ता, डॉ. धीरेन्द्र कुमार, डॉ. नीतू सिंह और प्रदीप पाठक उपस्थित रहे। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से कमल कुमार शर्मा, सुशील कुमार और कौशलेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इस संयुक्त पहल का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की समय पर पहचान और चिकित्सकीय परीक्षण कर उन्हें प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है, जिससे पात्र बच्चे शिक्षा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।