राजस्थान, मध्य प्रदेश और आगरा के आरोपियों का गठजोड़, पुलिस टीम को SSP ने दिया 25 हजार का इनाम; अब आयकर विभाग को भेजी जाएगी जानकारी
मथुरा। थाना हाईवे पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बस में सफर कर रहे सोने के एजेंट से हुई लूट की वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 650 ग्राम सोना, चार मोबाइल फोन, एक हुंडई ऑरा कार और एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
इस खुलासे में सबसे चौंकाने वाली बात सोने की मात्रा को लेकर सामने आई है। पीड़ित की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में करीब 550 ग्राम सोना लूटे जाने की बात कही गई थी, जबकि पुलिस ने आरोपियों से 650 ग्राम सोना बरामद किया है। यानी एफआईआर में बताई गई मात्रा से करीब 100 ग्राम अधिक सोना बरामद हुआ है। इस अंतर को लेकर अब पुलिस ने संबंधित विभाग को जानकारी देने की बात कही है।
पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई को बस में सफर कर रहे सोने के एक एजेंट के साथ लूट की वारदात हुई थी। घटना के बाद पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले के खुलासे का दावा किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आगरा निवासी सगे भाई अभिषेक और विष्णु, मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी संदीप सिंह तथा राजस्थान के धौलपुर निवासी उपेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उपेंद्र पूर्व में बस चालक रह चुका है और उसे इस वारदात का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।
पुलिस जांच में इस गिरोह के तार राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा बसों में सफर करने वाले एजेंटों को निशाना बनाए जाने के पहलू की भी जांच की जा रही है।
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी श्लोक कुमार ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सराहना की और 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की।
वहीं एफआईआर में दर्ज सोने की मात्रा और बरामदगी में अंतर सामने आने के बाद मामला एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित व्यापारी द्वारा लंबे समय से सोने की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पूरे मामले की सूचना अब आयकर विभाग को भी भेजी जाएगी, जिससे सोने के कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय एवं कर संबंधी पहलुओं की जांच की जा सके।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व में हुई संभावित वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।